21 जुलाई 2026 का पंचांग : सिद्ध योग में होगा मंगलवार, शुभ कार्यों के लिए कई उत्तम मुहूर्त उपलब्ध

सावन के आगमन से पूर्व आषाढ़ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का यह दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। मंगलवार को सिद्ध योग और चित्रा नक्षत्र के प्रभाव से पूजा-पाठ, मांगलिक कार्यों, नए कार्यों के शुभारंभ तथा आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दिन में अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल जैसे शुभ समय उपलब्ध रहेंगे, जबकि राहुकाल और यमगंड काल में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना श्रेयस्कर रहेगा।

21 जुलाई 2026, मंगलवार का पंचांग

तिथि: आज आषाढ़ शुक्ल अष्टमी तिथि अगले दिन तड़के 05 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि का आरंभ होगा।

नक्षत्र : चित्रा नक्षत्र रात्रि 08 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, तत्पश्चात स्वाति नक्षत्र प्रारंभ होगा।

योग : सिद्ध योग सायं 06 बजकर 25 मिनट तक रहेगा, इसके उपरांत साध्य योग का आरंभ होगा।

करण : विष्टि करण सायं 04 बजकर 34 मिनट तक रहेगा, इसके बाद बव करण प्रारंभ होगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

- सूर्योदय : प्रातः 05:36 बजे

- सूर्यास्त : सायं 07:19 बजे

- चंद्रोदय : दोपहर 12:34 बजे

- चंद्रास्त : रात्रि 11:35 बजे

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 03:55 बजे से 04:41 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक।

अमृत काल : दोपहर 01:58 बजे से 03:41 बजे तक।

आज का चौघड़िया

- रोग (सामान्य) : प्रातः 05:36 बजे से 07:19 बजे तक।

- उद्वेग (सामान्य) : प्रातः 07:19 बजे से 09:02 बजे तक।

- चर (सामान्य) : प्रातः 09:02 बजे से 10:45 बजे तक।

- लाभ (उन्नति) : प्रातः 10:45 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक।

आज के अशुभ मुहूर्त

राहुकाल : दोपहर 03:30 बजे से 05:00 बजे तक।

गुलिक काल : दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक।

यमगंड : प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक।

नोट:  सिद्ध योग का प्रभाव दिनभर शुभता प्रदान करने वाला माना जाता है। धार्मिक अनुष्ठान, मंत्र जाप, पूजा-पाठ, नए कार्यों की योजना तथा महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए दिन अनुकूल रहेगा। हालांकि राहुकाल और यमगंड काल में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना उचित माना गया है।

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