सनातन परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश अथवा मांगलिक आयोजन से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त का विचार किया जाता है। 20 जुलाई 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष है। आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि, हस्त नक्षत्र और शिव योग का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शिव योग आध्यात्मिक साधना, पूजा-अर्चना और नए कार्यों के शुभारंभ के लिए अनुकूल माना जाता है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय।
आज का पंचांग (20 जुलाई 2026)
- तिथि : आषाढ़ शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, जो अगले दिन तड़के 04:02 बजे तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी।
- नक्षत्र : हस्त नक्षत्र रात्रि लगभग 11:44 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात चित्रा नक्षत्र का आरंभ होगा।
- योग : शिव योग सायं 06:37 बजे तक रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ होगा।
- करण : तैतिल करण के उपरांत गर करण रहेगा।
- चंद्रमा : दिन-रात कन्या राशि में संचार करेंगे।
सूर्योदय एवं चंद्रमा संबंधी समय
- सूर्योदय : प्रातः 05:36 बजे
- सूर्यास्त : सायं 07:19 बजे
- चंद्रोदय : दोपहर 11:37 बजे
- चंद्रास्त : रात्रि 11:04 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 03:55 बजे से 04:41 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक।
अमृत काल : दोपहर 12:55 बजे से 02:35 बजे तक।
आज का चौघड़िया मुहूर्त
- अमृत (सर्वोत्तम) : प्रातः 05:36 बजे से 07:19 बजे तक।
- काल (सामान्य) : प्रातः 07:19 बजे से 09:02 बजे तक।
- शुभ (उत्तम) : प्रातः 09:02 बजे से 10:44 बजे तक।
- चर (सामान्य) : दोपहर 02:10 बजे से सायं 03:53 बजे तक।
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक।
गुलिकाल : दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक।
यमगण्ड : प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
आज का विशेष : आषाढ़ शुक्ल सप्तमी, हस्त नक्षत्र और शिव योग का संयोग धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। शिव योग में भगवान शिव की आराधना, मंत्र जाप, ध्यान, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना विशेष फलदायी मानी जाती है। वहीं सायंकाल के बाद प्रारंभ होने वाला सिद्ध योग भी शुभ कार्यों की सफलता का कारक माना जाता है। हालांकि किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करते समय राहुकाल, गुलिकाल और यमगण्ड काल से बचना श्रेयस्कर रहेगा।
