
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से 4 फरवरी 2026 (बुधवार) विशेष महत्व का दिन है। आज फाल्गुन मास (पूर्णिमांत) के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। पूरे दिन अतिगण्ड योग और भद्रा का प्रभाव रहने के कारण बड़े शुभ कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही आज अभिजीत मुहूर्त भी नहीं है, इसलिए पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए ही दिन अधिक उपयुक्त माना गया है। चंद्रमा सिंह राशि में संचार करेंगे और देर रात कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। बुध का दिन होने के कारण भगवान गणेश और बुध ग्रह की उपासना विशेष फलदायी मानी गई है।
सूर्योदय–सूर्यास्त एवं चंद्रोदय–चंद्रास्त
- सूर्योदय: सुबह 07:08 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:03 बजे
- चंद्रोदय: रात 08:37 बजे
- चंद्रास्त: अगले दिन सुबह 08:36 बजे
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
- तिथि: कृष्ण तृतीया – 5 फरवरी रात 12:09 बजे तक
- नक्षत्र:
- पूर्वाफाल्गुनी – रात 10:12 बजे तक
- उत्तराफाल्गुनी – इसके बाद
- योग:
- अतिगण्ड – 5 फरवरी रात 01:05 बजे तक
- सुकर्मा – इसके बाद
- करण:
- वणिज – दोपहर 12:19 बजे तक
- विष्टि (भद्रा) – 5 फरवरी रात 12:09 बजे तक
- बव – इसके बाद
वार, पक्ष और संवत
- वार: बुधवार
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- गुजराती संवत: 2082 (पिंगल)
- चंद्र मास: फाल्गुन (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत)
राशि एवं ग्रह स्थिति
- चंद्रमा: सिंह राशि (सुबह 04:20 तक), इसके बाद कन्या
- सूर्य: मकर राशि
- सूर्य नक्षत्र: श्रवण
- ऋतु: शिशिर
- अयन: उत्तरायण
- दिनमान: लगभग 10 घंटे 55 मिनट
- रात्रिमान: लगभग 13 घंटे 04 मिनट
- मध्याह्न काल: दोपहर 12:35 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 05:23 – 06:15
- प्रातः संध्या: 05:49 – 07:08
- विजय मुहूर्त: 02:24 – 03:08
- गोधूलि मुहूर्त: 06:00 – 06:26
- सायाह्न संध्या: 06:03 – 07:21
- अमृत काल: 03:48 – 05:24
- निशिता मुहूर्त: 12:09 – 01:01 (5 फरवरी)
नोट: आज अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: 12:35 – 01:57
- यमगण्ड: 08:30 – 09:51
- गुलिक काल: 11:13 – 12:35
- दुर्मुहूर्त: 12:13 – 12:57
- विडाल योग: 07:08 – 10:12
- भद्रा: 12:19 से रात 12:09 तक
- वर्ज्य काल: 5 फरवरी, 05:38 – 07:17
- बाण: रज बाण – 5 फरवरी सुबह 06:35 से पूरी रात
दिशा शूल, वास और शिववास
- दिशा शूल: उत्तर दिशा
- चंद्र वास:
- सुबह तक – पूर्व
- बाद में – दक्षिण
- राहु वास: दक्षिण-पश्चिम
- शिववास: क्रीड़ा में (5 फरवरी रात 12:09 तक), फिर कैलाश पर
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