आज शनिवार का दिन माघ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ श्रद्धा, साधना और कर्मफल के संतुलन का संदेश देता है। शिशिर ऋतु में सूर्य उत्तरायण स्थिति में हैं। पंचांग के अनुसार आज का दिन धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत-पूजन और आत्मचिंतन के लिए विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं 31 जनवरी 2026 का विस्तृत पंचांग—तिथि एवं संवत
- शक संवत: 1947
- विक्रम संवत: 2082
- काली संवत: 5126
- संवत्सर: विश्वावसु
- मास: माघ (पूर्णिमांत एवं अमांत – दोनों में माघ मास)
- तिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: प्रातः 08:26 बजे
- चतुर्दशी तिथि आरंभ: 08:26 बजे के बाद
नक्षत्र, योग एवं करण
- नक्षत्र: पुनर्वसु
- समाप्ति: अर्धरात्रि के बाद 01:34 बजे
- इसके बाद पुष्य नक्षत्र आरंभ
- योग: विषकुंभ
- समाप्ति: अपराह्न 01:34 बजे
- इसके बाद प्रीति योग
- करण:
- तैतिल: प्रातः 08:26 बजे तक
- इसके बाद विष्टि (भद्रा) करण
चंद्रमा की स्थिति
- चंद्रमा रात्रि 08:01 बजे तक मिथुन राशि में
- इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश
सूर्य स्थिति
- सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल
- ऋतु: शिशिर
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 07:09 बजे
- सूर्यास्त: शाम 05:59 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:09 से 06:02
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:12 से 02:55
- निशीथ काल: रात्रि 11:56 से 12:48
- गोधूलि बेला: शाम 05:48 से 06:14
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: सुबह 09:00 से 10:30
- गुलिक काल: सुबह 06:00 से 07:30
- यमगंड: दोपहर 01:30 से 03:30
- दुर्मुहूर्त: सुबह 06:54 से 07:38
- अमृत काल: सुबह 08:30 से 09:52
दिशा शूल
- पूर्व दिशा में यात्रा से परहेज करें।
विशेष सलाह: आज त्रयोदशी तिथि होने से शिव-पूजन, प्रदोष व्रत की तैयारी, दान-पुण्य और संयमित कार्य शुभ फल प्रदान कर सकते हैं। भद्रा करण के समय शुभ कार्यों से बचना हितकर रहेगा।
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