Aaj ka Panchang आज का पंचांग : 7 जनवरी 2026 (बुधवार)

आज माघ मास की ठंडी सुबहें धार्मिक-आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती हैं। आज का दिन व्रत, पूजा-पाठ, ध्यान और शुभ कार्यों के लिए पंचांग के अनुसार कई अच्छे योग लेकर आया है। तिथि, नक्षत्र, योग-करण के साथ-साथ आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त जानकर आप अपने दिन की बेहतर योजना बना सकते हैं। प्रस्तुत है 7 जनवरी 2026 का  पंचांग-

 तिथि, नक्षत्र, योग और करण

आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है, जो
8 जनवरी सुबह 6 बजकर 33 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण षष्ठी तिथि लग जाएगी।

  • नक्षत्र: मघा – सुबह 11:56 बजे तक, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी
  • योग: आयुष्मान – शाम 6:34 बजे तक
  • करण: कौलव – शाम 6:36 बजे तक
    (तैतिल करण 8 जनवरी सुबह 6:33 तक प्रभावी)

चंद्रमा पूरे दिन सिंह राशि में स्थित रहेगा।


 सूर्य और  चंद्र का समय

  • सूर्योदय: सुबह 7:15 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 5:40 बजे

  • चंद्रोदय: रात 9:55 बजे

  • दिन की अवधि: 10 घंटे 24 मिनट 46 सेकंड

  • रात्रि की अवधि: 13 घंटे 35 मिनट 19 सेकंड


 संवत और कालगणना

  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
  • गुजराती संवत: 2082 (पिंगल)
  • चंद्र मास: माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमान्त)
  • प्रविष्टे/गते: 23

 ऋतु और अयन

  • द्रिक ऋतु: शिशिर
  • वैदिक ऋतु: हेमंत
  • द्रिक अयन: उत्तरायण
  • वैदिक अयन: दक्षिणायन

 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:26 से 6:21 बजे तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 5:53 से 7:15 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:12 से 2:53 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:37 से 6:04 बजे तक
  • सायाह्न संध्या: शाम 5:40 से 7:01 बजे तक
  • अमृत काल: सुबह 9:34 से 11:09 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात 12:00 बजे से
    8 जनवरी सुबह 12:55 बजे तक

 अशुभ समय

  • राहुकाल: दोपहर 12:27 से 1:46 बजे तक
  • यमगण्ड: सुबह 8:33 से 9:51 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 11:09 से दोपहर 12:27 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:07 से 12:48 बजे तक
  • विडाल योग: सुबह 11:56 से
    8 जनवरी सुबह 7:15 बजे तक

अन्य पंचांग तत्व

  • दिशा शूल: उत्तर दिशा में
    👉 उत्तर दिशा की यात्रा टालें
  • अग्निवास:
    8 जनवरी सुबह 6:33 तक आकाश में, फिर पाताल में
  • चंद्र वास: पूर्व दिशा में
  • शिववास:
    8 जनवरी सुबह 6:33 तक नंदी पर पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य फलदायी माने जाते हैं, जबकि अशुभ काल में नए कार्यों से परहेज करना श्रेयस्कर होता है।

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