आज शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि होने के कारण आज स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार यह दिन पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। साथ ही पंचक और गण्ड मूल का प्रभाव होने से दिन की विशेष सावधानी और विधि-विधान के साथ पूजा करने की सलाह दी जाती है।
आज का पंचांग
- तिथि: वैशाख कृष्ण अमावस्या शाम 05:21 बजे तक, इसके बाद शुक्ल प्रतिपदा प्रारंभ
- वार: शुक्रवार
- नक्षत्र: रेवती दोपहर 12:02 बजे तक, तत्पश्चात अश्विनी
- योग: वैधृति सुबह 07:22 बजे तक, फिर विष्कम्भ (अगले दिन 03:45 बजे तक), उसके बाद प्रीति योग
- करण:
- चतुष्पाद: सुबह 06:49 बजे तक
- नाग: शाम 05:21 बजे तक
- किंस्तुघ्न: अगले दिन सुबह 03:47 बजे तक
सूर्योदय एवं चन्द्र स्थिति
-
सूर्योदय: सुबह 05:54 बजे
-
सूर्यास्त: शाम 06:48 बजे
-
चन्द्रोदय: नहीं
-
चन्द्रास्त: शाम 06:46 बजे
-
चंद्र राशि:
- मीन राशि में दोपहर 12:02 बजे तक
- इसके बाद मेष राशि में प्रवेश
-
सूर्य: मेष राशि में स्थित, अश्विनी नक्षत्र में
दिनमान और मध्याह्न
- दिनमान: 12 घंटे 54 मिनट 07 सेकंड
- रात्रिमान: 11 घंटे 04 मिनट 50 सेकंड
- मध्याह्न काल: दोपहर 12:21 बजे
आज का शुभ मुहूर्त
-
ब्रह्म मुहूर्त: 04:25 बजे से 05:09 बजे तक
-
अभिजित मुहूर्त: 11:55 बजे से 12:47 बजे तक
-
विजय मुहूर्त: 02:30 बजे से 03:22 बजे तक
-
गोधूलि मुहूर्त: 06:47 बजे से 07:09 बजे तक
-
अमृत काल: 09:50 बजे से 11:18 बजे तक
-
निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:58 बजे से 12:43 बजे (18 अप्रैल)
-
विशेष योग:
- अमृत सिद्धि योग: सुबह 05:54 बजे से दोपहर 12:02 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन
आज का अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: 10:44 बजे से 12:21 बजे तक
- यमगण्ड: 03:34 बजे से 05:11 बजे तक
- गुलिक काल: 07:31 बजे से 09:07 बजे तक
- दुर्मुहूर्त:
- सुबह 08:29 बजे से 09:20 बजे तक
- दोपहर 12:47 बजे से 01:38 बजे तक
विशेष स्थितियां
- गण्ड मूल: पूरे दिन प्रभावी
- पंचक: सुबह 05:54 बजे से दोपहर 12:02 बजे तक
- दिशा शूल: पश्चिम दिशा
- चन्द्र वास:
- 12:02 बजे तक उत्तर दिशा
- उसके बाद पूर्व दिशा
वैशाख अमावस्या को पितरों की शांति के लिए तर्पण, दान और स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, गरीबों को अन्न-वस्त्र दान और भगवान विष्णु तथा शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। पंचक और गण्ड मूल के कारण आज शुभ कार्यों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान, जप-तप और दान-पुण्य के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है।
