धार्मिक दृष्टि से आज का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के साथ ही संध्या के पश्चात अमावस्या का आरम्भ हो रहा है। यह समय साधना, पितृ तर्पण, दान-पुण्य एवं आत्मचिंतन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही पंचक का प्रभाव भी आज से सक्रिय हो चुका है, जिससे कुछ कार्यों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
तिथि एवं वार
आज वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शाम 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
वार: गुरुवार
संवत एवं काल
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
सूर्य एवं चंद्र समय
सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 25 मिनट
सूर्यास्त: शाम 06 बजकर 07 मिनट
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक, तत्पश्चात रेवती
योग: ऐंद्र सुबह 09 बजकर 29 मिनट तक, इसके बाद वैधृति
करण: भद्रा उपरांत शकुनि
आज का चौघड़िया
- शुभ (उत्तम): 05:25 AM – 07:00 AM
- रोग (अशुभ): 07:00 AM – 08:35 AM
- उद्वेग (अशुभ): 08:35 AM – 10:10 AM
- चर (सामान्य): 10:10 AM – 11:45 AM
- लाभ (उन्नति): 11:45 AM – 01:20 PM
- अमृत (सर्वोत्तम): 01:20 PM – 02:55 PM
- काल (हानि): 02:55 PM – 04:31 PM
- शुभ (उत्तम): 04:31 PM – 06:07 PM
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:40 AM से 12:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:56 AM से 04:40 AM
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 01:20 PM से 02:55 PM
यमगण्ड: सुबह 05:25 AM से 07:00 AM
गुलिक काल: सुबह 08:35 AM से 10:10 AM
विशेष जानकारी
- पंचक काल: आज सुबह 03 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होकर 17 अप्रैल 2026, दोपहर 12 बजकर 02 मिनट तक रहेगा।
- दिशाशूल: दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित मानी गई है। यदि आवश्यक हो तो दही या जीरा खाकर प्रस्थान करें।
- भद्रा काल: आज सुबह 09 बजकर 25 मिनट तक प्रभावी रहेगा।
आज का दिन धार्मिक अनुष्ठानों, साधना एवं आत्ममंथन के लिए उपयुक्त है। अमावस्या के आगमन के कारण दान-पुण्य और पितृ कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं। पंचक एवं भद्रा के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए शुभ कार्यों में सावधानी बरतना हितकारी रहेगा।
