भारतीय संस्कृति में पंचांग का विशेष महत्व है। यह न केवल तिथि और वार की जानकारी देता है, बल्कि शुभ-अशुभ समय, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर दैनिक कार्यों की योजना बनाने में भी सहायक होता है। 19 अप्रैल 2026, रविवार का दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग—
तिथि, वार एवं संवत
- तिथि: वैशाख शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि दोपहर 01 बजकर 01 मिनट तक, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ
- वार: रविवार
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1948
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 22 मिनट
- सूर्यास्त: शाम 06 बजकर 08 मिनट
नक्षत्र, योग एवं करण
- नक्षत्र: भरणी नक्षत्र सुबह 09 बजकर 10 मिनट तक, इसके बाद कृतिका नक्षत्र
- योग: आयुष्मान योग रात 10 बजकर 49 मिनट तक, इसके बाद सौभाग्य योग
- करण: कौलव करण के पश्चात तैतिल करण
आज का चौघड़िया (दिन के अनुसार)
- उद्वेग (अशुभ): सुबह 05:22 से 06:58 तक
- चर (सामान्य): सुबह 06:58 से 08:33 तक
- लाभ (उन्नति): सुबह 08:33 से 10:09 तक
- अमृत (सर्वोत्तम): सुबह 10:09 से 11:45 तक
- काल (हानि): दोपहर 11:45 से 01:21 तक
- शुभ (उत्तम): दोपहर 01:21 से 02:56 तक
- रोग (अशुभ): दोपहर 02:56 से 04:32 तक
- उद्वेग (अशुभ): शाम 04:32 से 06:08 तक
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:38 से 12:27 तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:53 से 04:37 तक
अशुभ समय
- राहुकाल: शाम 04:32 से 06:08 तक
- यमगण्ड: दोपहर 12:00 से 01:30 तक
- भद्रा काल: दोपहर 12:26 से रात 12:58 तक
दिशाशूल
- दिशा: पश्चिम
- उपाय: यदि यात्रा आवश्यक हो तो दलिया या घी का सेवन कर प्रस्थान करें
विशेष संकेत
आज का दिन सामान्य से शुभ फल देने वाला है। विशेष रूप से अमृत और शुभ चौघड़िया में किए गए कार्य सफलता दिला सकते हैं। हालांकि राहुकाल और भद्रा काल के दौरान महत्वपूर्ण निर्णयों से बचना बेहतर रहेगा। 19 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से संतुलित और अवसरों से भरा हुआ है। पंचांग के अनुसार दिन की योजना बनाकर आप अपने कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
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