आज पितृ पक्ष की द्वितीया तिथि के साथ श्राद्ध और तर्पण का विशेष महत्व है। पितरों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण का यह पक्ष सनातन परंपरा में आत्मीय संबंधों को जीवित रखने का अवसर माना जाता है। दिन के आरंभ में पंचक की स्थिति रहेगी, जो प्रातः 10:17 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके साथ ही आज रेवती नक्षत्र के बाद अश्विनी नक्षत्र का संयोग और ध्रुव योग के बाद व्याघात योग का परिवर्तन होगा। आइए जानते हैं 28 सितंबर 2026 का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और दिनभर की ग्रह-नक्षत्र स्थिति।
आज 28 सितंबर 2026, सोमवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। पितृ पक्ष के अंतर्गत आज द्वितीया श्राद्ध किया जाएगा। द्वितीया तिथि शाम 07 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ हो जाएगा। पितृ पक्ष में आने वाली प्रत्येक तिथि पर दिवंगत पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किए गए कर्म से पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त होती है और परिवार की परंपरा एवं संस्कारों का स्मरण बना रहता है।
आज पंचक भी रहेगा, जिसका समापन प्रातः 10 बजकर 17 मिनट पर होगा। नक्षत्र की बात करें तो रेवती नक्षत्र प्रातः 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, इसके बाद अश्विनी नक्षत्र का आरंभ होगा, जो पूरी रात्रि रहेगा। आज गण्ड मूल की स्थिति भी रहेगी। साथ ही आडल योग और विडाल योग का संयोग बताया गया है। योग में प्रातः 08 बजकर 54 मिनट तक ध्रुव योग रहेगा, इसके बाद व्याघात योग का आरंभ होगा।
करण की स्थिति में तैतिल करण प्रातः 08 बजकर 08 मिनट तक रहेगा, इसके बाद गरज करण का आरंभ होगा। चंद्रमा प्रातः 10 बजकर 16 मिनट तक मीन राशि में संचार करेगा और इसके बाद मेष राशि में प्रवेश करेगा। इस प्रकार आज सुबह के समय मीन राशि में चंद्रमा की स्थिति रहेगी, जबकि दिन के मध्य के बाद चंद्रमा मेष राशि में संचार करेगा।
सूर्योदय प्रातः 06 बजकर 12 मिनट पर होगा और सूर्यास्त सायं 06 बजकर 11 मिनट पर होगा। चंद्रोदय सायं 07 बजकर 04 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन 29 सितंबर को प्रातः 07 बजकर 35 मिनट पर होगा।
आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। अमृत काल प्रातः 07 बजकर 57 मिनट से 09 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अगले दिन 29 सितंबर को तड़के 02 बजकर 13 मिनट से 03 बजकर 44 मिनट तक अमृत काल रहेगा।
दिन के चौघड़िया की बात करें तो सुबह 06 बजकर 12 मिनट से 07 बजकर 42 मिनट तक अमृत चौघड़िया रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। इसके बाद 07 बजकर 42 मिनट से 09 बजकर 12 मिनट तक काल चौघड़िया रहेगा। सुबह 09 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक शुभ चौघड़िया रहेगा। वहीं 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक रोग चौघड़िया रहेगा।
आज अशुभ मुहूर्त में राहुकाल सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 00 मिनट तक रहेगा, जबकि यमगंड सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक रहेगा। इन समयावधियों में विशेष रूप से नए और महत्वपूर्ण कार्यों का आरंभ करने से बचने की धार्मिक मान्यता है।
पितृ पक्ष की द्वितीया तिथि होने के कारण आज उन परिवारों के लिए श्राद्ध कर्म का विशेष दिन है, जिनके दिवंगत पूर्वजों की मृत्यु तिथि आश्विन कृष्ण द्वितीया को हुई थी। श्राद्ध कर्म में श्रद्धा और विधि का विशेष महत्व माना गया है। सामान्य रूप से तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन तथा अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितरों का स्मरण केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार की पिछली पीढ़ियों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और उनके संस्कारों को आगे बढ़ाने का भी अवसर है।
28 सितंबर 2026 के प्रमुख पंचांग बिंदु
तिथि — आश्विन कृष्ण पक्ष द्वितीया, शाम 07:13 बजे तक, इसके बाद तृतीया।
द्वितीया श्राद्ध — आज।
पंचक — प्रातः 10:17 बजे तक।
नक्षत्र — रेवती प्रातः 10:16 बजे तक, फिर अश्विनी।
योग — ध्रुव प्रातः 08:54 बजे तक, फिर व्याघात।
करण — तैतिल प्रातः 08:08 बजे तक, फिर गरज।
चंद्र राशि — मीन प्रातः 10:16 बजे तक, फिर मेष।
सूर्योदय — प्रातः 06:12 बजे।
सूर्यास्त — सायं 06:11 बजे।
चंद्रोदय — सायं 07:04 बजे।
चंद्रास्त — 29 सितंबर प्रातः 07:35 बजे।
अभिजीत मुहूर्त — 11:48 बजे से 12:35 बजे तक।
अमृत काल — 07:57 से 09:29 बजे तक तथा 29 सितंबर को 02:13 से 03:44 बजे तक।
राहुकाल — 07:30 से 09:00 बजे तक।
गुलिक काल — 01:30 से 03:00 बजे तक।
यमगंड — 10:30 बजे से 12:00 बजे तक।
नोट: पंचांग के मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त और स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।
