12 जुलाई के बाद विवाह समारोहों पर लगेगा विराम, 20 नवंबर तक नहीं होंगे प्रमुख मांगलिक कार्य

नई दिल्ली। विवाह और अन्य मांगलिक आयोजनों की तैयारी कर रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। वैदिक पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस वर्ष 12 जुलाई अंतिम प्रमुख शुभ विवाह मुहूर्त होगा। इसके बाद गुरु तारा अस्त, कर्क संक्रांति, देवशयनी एकादशी और चातुर्मास जैसे धार्मिक एवं ज्योतिषीय कारणों से लगभग चार माह तक विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत तथा अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 14 जुलाई से देवगुरु बृहस्पति (गुरु तारा) अस्त हो जाएंगे। सनातन परंपरा में गुरु और शुक्र ग्रह को मांगलिक कार्यों का प्रमुख कारक माना जाता है। इनके अस्त होने की अवधि में शुभ संस्कारों को टालने की परंपरा रही है। इसके साथ ही 16 जुलाई को सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश करने से कर्क संक्रांति का प्रभाव प्रारंभ होगा।

इसके बाद 25 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास का शुभारंभ हो जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और अगले चार माह तक मांगलिक कार्यों का आयोजन नहीं किया जाता। यही कारण है कि विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ संस्कार स्थगित कर दिए जाते हैं।

चातुर्मास की अवधि 25 जुलाई से प्रारंभ होकर 20 नवंबर तक रहेगी। 20 नवंबर को कार्तिक शुक्ल एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी कहा जाता है, के दिन भगवान विष्णु के जागरण के साथ चातुर्मास का समापन होगा। इसके पश्चात विवाह सहित सभी शुभ एवं मांगलिक कार्यों की पुनः शुरुआत हो जाएगी।

हालांकि यह शुभ अवधि भी अधिक लंबी नहीं रहेगी। 16 दिसंबर को सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ धनु संक्रांति तथा पौष मास के प्रभाव से खरमास प्रारंभ हो जाएगा। सनातन धर्म में खरमास को मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। इसलिए 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक एक बार फिर विवाह और अन्य शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा।

धार्मिक विद्वानों का कहना है कि वर्ष के शेष भाग में विवाह योग्य परिवारों को अपने कार्यक्रमों की योजना इन तिथियों को ध्यान में रखकर बनानी चाहिए, क्योंकि 12 जुलाई के बाद अगले प्रमुख शुभ मुहूर्त सीधे 20 नवंबर के बाद ही उपलब्ध होंगे। ऐसे में आगामी दिनों में विवाह स्थलों, बैंक्वेट हॉलों और संबंधित सेवाओं की मांग बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

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