पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि दोपहर 01 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। इसके उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है क्योंकि भद्रा, पंचक, रवि योग, आडल योग तथा विडाल योग का संयोग बन रहा है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र आज सायं 04 बजकर 07 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा।
आज की तिथि
- कृष्ण पक्ष षष्ठी – 05 जुलाई दोपहर 01 बजकर 31 मिनट से 06 जुलाई दोपहर 01 बजकर 47 मिनट तक।
- कृष्ण पक्ष सप्तमी – 06 जुलाई दोपहर 01 बजकर 47 मिनट से 07 जुलाई दोपहर 01 बजकर 25 मिनट तक।
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
- सूर्योदय – प्रातः 05 बजकर 33 मिनट।
- सूर्यास्त – सायं 07 बजकर 18 मिनट।
- चंद्रोदय – 06 जुलाई रात्रि 11 बजकर 17 मिनट।
- चंद्रास्त – 07 जुलाई पूर्वाह्न 11 बजकर 59 मिनट।
आज का नक्षत्र
- पूर्वाभाद्रपद – 05 जुलाई अपराह्न 03 बजकर 12 मिनट से 06 जुलाई सायं 04 बजकर 07 मिनट तक।
- उत्तराभाद्रपद – 06 जुलाई सायं 04 बजकर 07 मिनट से 07 जुलाई सायं 04 बजकर 24 मिनट तक।
आज का करण
- वणिज – 06 जुलाई रात्रि 01 बजकर 44 मिनट से दोपहर 01 बजकर 47 मिनट तक।
- विष्टि (भद्रा) – 06 जुलाई दोपहर 01 बजकर 47 मिनट से 07 जुलाई रात्रि 01 बजकर 41 मिनट तक।
- बव – 07 जुलाई रात्रि 01 बजकर 41 मिनट से दोपहर 01 बजकर 25 मिनट तक।
आज का योग
- सौभाग्य योग – सायं 04 बजकर 39 मिनट से सायं 03 बजकर 50 मिनट तक।
- शोभन योग – 06 जुलाई सायं 03 बजकर 50 मिनट से 07 जुलाई दोपहर 02 बजकर 30 मिनट तक।
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त – पूर्वाह्न 11 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक।
- अमृत काल – प्रातः 07 बजकर 16 मिनट से प्रातः 08 बजकर 56 मिनट तक।
- ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 03 बजकर 57 मिनट से प्रातः 04 बजकर 45 मिनट तक।
अशुभ काल
- राहुकाल – प्रातः 07 बजकर 16 मिनट से प्रातः 08 बजकर 59 मिनट तक।
- यमगण्ड – पूर्वाह्न 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक।
- कुलिक काल – दोपहर 02 बजकर 08 मिनट से अपराह्न 03 बजकर 52 मिनट तक।
- दुर्मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 53 मिनट से 01 बजकर 48 मिनट तक तथा अपराह्न 03 बजकर 38 मिनट से 04 बजकर 33 मिनट तक।
विशेष जानकारी
आज भद्रा दोपहर 01 बजकर 47 मिनट से प्रारंभ होकर 07 जुलाई रात्रि 01 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। वहीं पंचक का प्रभाव पूरे दिन बना रहेगा। धार्मिक एवं मांगलिक कार्यों में पंचांग के इन योगों और कालखंडों का विशेष ध्यान रखना शुभ माना जाता है।
