भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और नक्षत्रों का विवरण नहीं, बल्कि दैनिक जीवन को शुभ-अशुभ समय के अनुसार व्यवस्थित करने का मार्गदर्शक भी है। धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, यात्रा, मांगलिक कार्य एवं दैनिक निर्णयों में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ मुहूर्त और सावधान रहने योग्य समय।
तिथि एवं नक्षत्र
आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। इसके उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ होगा।
धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 01 बजकर 44 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा।
आज सायं 05 बजकर 02 मिनट तक प्रीति योग रहेगा। इसके पश्चात आयुष्मान योग का शुभ संयोग बनेगा।
सूर्य एवं चंद्रमा
- सूर्योदय : प्रातः 05 बजकर 53 मिनट
- सूर्यास्त : रात्रि 09 बजकर 57 मिनट
- चन्द्रोदय : रात्रि 12 बजकर 19 मिनट (05 जुलाई)
- चन्द्रास्त : पूर्वाह्न 10 बजकर 15 मिनट
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 21 मिनट तक
- प्रातः सन्ध्या : प्रातः 05 बजकर 06 मिनट से 05 बजकर 53 मिनट तक
- अभिजित मुहूर्त : दोपहर 01 बजकर 23 मिनट से 02 बजकर 27 मिनट तक
- विजय मुहूर्त : सायं 04 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 40 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त : रात्रि 09 बजकर 55 मिनट से 10 बजकर 11 मिनट तक
- सायाह्न सन्ध्या : रात्रि 09 बजकर 57 मिनट से 10 बजकर 44 मिनट तक
- अमृत काल : प्रातः 04 बजकर 04 मिनट से 05 बजकर 46 मिनट तक (05 जुलाई)
- निशिता मुहूर्त : रात्रि 01 बजकर 39 मिनट से 02 बजकर 11 मिनट तक (05 जुलाई)
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल : पूर्वाह्न 09 बजकर 54 मिनट से 11 बजकर 54 मिनट तक
- यमगण्ड : अपराह्न 03 बजकर 55 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- गुलिक काल : प्रातः 05 बजकर 53 मिनट से 07 बजकर 54 मिनट तक
- दुर्मुहूर्त : प्रातः 05 बजकर 53 मिनट से 06 बजकर 57 मिनट तक
विशेष जानकारी
आज पंचक का प्रभाव पूरे दिन बना रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पंचक काल में कुछ विशेष कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, जप, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए यह समय शुभ माना गया है। श्रद्धालु अपने धार्मिक कार्य शुभ मुहूर्तों में संपन्न कर सकते हैं।
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन भगवान विष्णु एवं शिव आराधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। प्रीति एवं आयुष्मान योग के संयोग से आध्यात्मिक कार्यों तथा शुभ संकल्पों को सिद्धि प्राप्त होने की मान्यता है।
