भारतीय वैदिक परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व है। यह केवल तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी ही नहीं देता, बल्कि दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्तों का भी मार्गदर्शन करता है। धार्मिक अनुष्ठान, शुभ कार्य, यात्रा, पूजा-पाठ तथा दैनिक निर्णयों के लिए पंचांग का अध्ययन अत्यंत उपयोगी माना जाता है। प्रस्तुत है 5 जुलाई 2026, रविवार का विस्तृत पंचांग—
पंचांग विवरण
- तिथि : आषाढ़ कृष्ण पंचमी दोपहर 01:31 बजे तक, तत्पश्चात षष्ठी।
- नक्षत्र : शतभिषा अपराह्न 03:13 बजे तक, तत्पश्चात पूर्वाभाद्रपद।
- योग : आयुष्मान योग सायं 04:40 बजे तक, तत्पश्चात सौभाग्य योग।
- करण : तैतिल।
सूर्य एवं चंद्र संबंधी जानकारी
- सूर्योदय : प्रातः 05:54 बजे
- सूर्यास्त : रात्रि 09:56 बजे
- चन्द्रोदय : रात्रि 12:34 बजे (06 जुलाई)
- चन्द्रास्त : प्रातः 11:27 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:50 बजे से 05:22 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या : प्रातः 05:06 बजे से 05:54 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त : दोपहर 01:23 बजे से 02:27 बजे तक
- विजय मुहूर्त : अपराह्न 04:35 बजे से 05:40 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त : रात्रि 09:54 बजे से 10:10 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या : रात्रि 09:56 बजे से 10:44 बजे तक
- अमृत काल : प्रातः 04:19 बजे से 05:59 बजे तक (06 जुलाई)
- निशिता मुहूर्त : रात्रि 01:39 बजे से 02:11 बजे तक (06 जुलाई)
- रवि योग : पूर्वाह्न 11:42 बजे से प्रातः 05:55 बजे तक (06 जुलाई)
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल : सायं 07:56 बजे से रात्रि 09:56 बजे तक
- यमगण्ड : दोपहर 01:55 बजे से 03:55 बजे तक
- आडल योग : पूर्वाह्न 11:42 बजे से प्रातः 05:55 बजे तक (06 जुलाई)
- विडाल योग : प्रातः 05:54 बजे से पूर्वाह्न 11:42 बजे तक
- गुलिक काल : सायं 05:56 बजे से 07:56 बजे तक
- दुर्मुहूर्त : सायं 07:48 बजे से रात्रि 08:52 बजे तक
विशेष : धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ, मांगलिक कार्यों तथा शुभ आरंभ के लिए अभिजित मुहूर्त, विजय मुहूर्त और रवि योग विशेष रूप से फलदायी माने गए हैं। वहीं राहुकाल, यमगण्ड और दुर्मुहूर्त के समय महत्वपूर्ण कार्यों से परहेज करना शुभ माना जाता है।
