हिंदू पंचांग के अनुसार आज का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और शुभ कार्यों की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 01 बजकर 25 मिनट तक रहेगी, जिसके पश्चात अष्टमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र सायं 04 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, इसके बाद रेवती नक्षत्र का आरंभ होगा। दिन के प्रारंभ में शोभन योग का प्रभाव रहेगा, जो दोपहर 02 बजकर 31 मिनट तक रहेगा, तत्पश्चात अतिगंड योग प्रारंभ होगा। वहीं बव करण का संयोग भी दिनभर के महत्वपूर्ण कार्यों को प्रभावित करेगा।
विशेष बात यह है कि आज प्रातःकाल से दोपहर तक रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ माना गया है। हालांकि पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहने के कारण कुछ विशेष कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आज की तिथि एवं नक्षत्र
- आषाढ़ कृष्ण सप्तमी – दोपहर 01:25 बजे तक इसके पश्चात अष्टमी तिथि प्रारंभ
- उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र – सायं 04:24 बजे तक इसके बाद रेवती नक्षत्र
आज के योग एवं करण
- शोभन योग – दोपहर 02:31 बजे तक
- इसके बाद अतिगंड योग
- बव करण
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
- सूर्योदय – प्रातः 05:56 बजे
- सूर्यास्त – रात्रि 09:55 बजे
- चंद्रोदय – 8 जुलाई को प्रातः 01:04 बजे
- चंद्रास्त – दोपहर 01:55 बजे
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04:52 बजे से 05:24 बजे तक
- प्रातः संध्या – प्रातः 05:08 बजे से 05:56 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 01:23 बजे से 02:27 बजे तक
- विजय मुहूर्त – सायं 04:35 बजे से 05:39 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त – रात्रि 09:53 बजे से 10:09 बजे तक
- सायाह्न संध्या – रात्रि 09:55 बजे से 10:43 बजे तक
- अमृत काल – प्रातः 08:03 बजे से 09:40 बजे तक
विशेष शुभ योग
- सर्वार्थ सिद्धि योग – प्रातः 05:56 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
- रवि योग – प्रातः 05:56 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल – सायं 05:55 बजे से 07:55 बजे तक
- यमगण्ड – प्रातः 09:55 बजे से 11:55 बजे तक
- गुलिक काल – दोपहर 01:55 बजे से 03:55 बजे तक
- दुर्मुहूर्त – प्रातः 09:07 बजे से 10:11 बजे तक
- आडल योग – प्रातः 05:56 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
पंचक का प्रभाव: आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पंचक काल में भवन निर्माण, छत डालना, लकड़ी संग्रह, दक्षिण दिशा की यात्रा तथा कुछ अन्य मांगलिक कार्यों को टालना उचित माना जाता है। हालांकि पूजा-पाठ, जप, दान, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक साधना के लिए यह समय शुभ माना जाता है।
आज रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत काल जैसे शुभ संयोगों के कारण पूजा-पाठ, नए कार्यों की योजना, निवेश संबंधी विचार-विमर्श तथा आध्यात्मिक साधना के लिए दिन विशेष फलदायी माना जा रहा है।
