सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और समय का विवरण नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और शुभ दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक माना गया है। आज ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया और चतुर्थी तिथि का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव दिनभर वातावरण में अलग ऊर्जा का संचार करेगा। धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ, यात्रा, व्यापार और नए कार्यों की शुरुआत से पहले शुभ-अशुभ मुहूर्त का विचार करना भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा रही है। ऐसे में आज का दिन कई दृष्टियों से विशेष फलदायी माना जा रहा है।
आज शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि दोपहर 02 बजकर 18 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ हो जाएगी। मृगशिरा नक्षत्र सुबह 08 बजकर 41 मिनट तक प्रभावी रहेगा, फिर आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ होगा। चंद्रमा पूरे दिन मिथुन राशि में संचरण करेगा, जबकि सूर्य वृषभ राशि में स्थित रहेगा।
सूर्य और चंद्रमा का समय
- सूर्योदय – प्रातः 05:32 बजे
- सूर्यास्त – सायं 07:02 बजे
- चंद्रोदय – प्रातः 07:27 बजे
- चंद्रास्त – रात्रि 10:18 बजे
आज की तिथि
- शुक्ल पक्ष तृतीया – 18 मई सायं 05:53 बजे से 19 मई दोपहर 02:18 बजे तक
- शुक्ल पक्ष चतुर्थी – 19 मई दोपहर 02:18 बजे से 20 मई प्रातः 11:07 बजे तक
आज का नक्षत्र
- मृगशिरा – 18 मई पूर्वाह्न 11:31 बजे से 19 मई प्रातः 08:41 बजे तक
- आर्द्रा – 19 मई प्रातः 08:41 बजे से 20 मई प्रातः 06:11 बजे तक
करण
- गर – प्रातः 04:03 बजे से दोपहर 02:18 बजे तक
- वणिज – दोपहर 02:18 बजे से रात्रि 12:39 बजे तक
- विष्टि – 20 मई रात्रि 12:39 बजे से प्रातः 11:07 बजे तक
आज का योग
- धृति योग – 18 मई रात्रि 09:47 बजे से 19 मई सायं 05:48 बजे तक
- शूल योग – 19 मई सायं 05:48 बजे से 20 मई दोपहर 02:09 बजे तक
अशुभ काल
- राहुकाल – अपराह्न 03:40 बजे से सायं 05:21 बजे तक
- यमगण्ड – प्रातः 08:54 बजे से पूर्वाह्न 10:36 बजे तक
- कुलिक काल – दोपहर 12:17 बजे से 01:58 बजे तक
- दुर्मुहूर्त – प्रातः 08:14 बजे से 09:08 बजे तक तथा रात्रि 11:14 बजे से 11:56 बजे तक
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त – पूर्वाह्न 11:50 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक
- अमृत काल – रात्रि 09:13 बजे से 10:39 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 03:55 बजे से 04:43 बजे तक
ग्रह, दिशा और विशेष योग
आज सूर्य वृषभ राशि में स्थित रहेंगे और चंद्रमा मिथुन राशि में संचरण करेगा। दिनमान 13 घंटे 38 मिनट 53 सेकंड तथा रात्रिमान 10 घंटे 20 मिनट 37 सेकंड रहेगा। मध्याह्न काल 12:18 बजे होगा।
आज दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा, इसलिए उत्तर दिशा की यात्रा सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी जाती है। चंद्र वास और राहु वास पश्चिम दिशा में रहेगा। अग्निवास पृथ्वी पर रहेगा। शिववास दोपहर 02:18 बजे तक सभा में तथा उसके बाद क्रीड़ा में माना जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास में किए गए जप, तप, दान और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष पुण्य प्राप्त होता है। ऐसे में आज का दिन पूजा-पाठ, आध्यात्मिक साधना और शुभ संकल्पों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
