पंचांग के अनुसार आज बुधवार, 13 मई 2026 को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि प्रातः 08 बजकर 45 मिनट तक रहेगी, इसके उपरांत द्वादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और विष्कम्भ योग का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन व्रत, जप, दान और भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। वहीं पंचक और गण्डमूल का प्रभाव होने के कारण शुभ कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पंचांग विवरण
- तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी सुबह 08:45 बजे तक, उपरांत द्वादशी
- वार: बुधवार
- नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद रात्रि 12:17 बजे (14 मई) तक, बाद में रेवती
- योग: विष्कम्भ योग रात्रि 08:55 बजे तक, इसके बाद प्रीति योग
- करण:
- बालव करण दोपहर 01:29 बजे तक
- कौलव करण रात्रि 12:30 बजे (14 मई) तक
- तत्पश्चात तैतिल करण।
- श्री शुभ संवत: 2083
- शाके: 1948
- हिजरी सन: 1447-48
- सूर्योदय: प्रातः 05:24 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:36 बजे
- दिनमान: 13 घंटे 31 मिनट 52 सेकंड
- रात्रिमान: 10 घंटे 27 मिनट 30 सेकंड
- मध्याह्न: 12:18 बजे
आज का चौघड़िया
- लाभ (उन्नति): प्रातः 05:05 बजे से प्रातः 06:46 बजे तक
- अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 06:46 बजे से प्रातः 08:26 बजे तक
- काल (हानि): प्रातः 08:26 बजे से पूर्वाह्न 10:06 बजे तक
- शुभ (उत्तम): पूर्वाह्न 10:06 बजे से पूर्वाह्न 11:46 बजे तक
- रोग (अमंगल): पूर्वाह्न 11:46 बजे से दोपहर 01:26 बजे तक
- उद्वेग (अशुभ): दोपहर 01:26 बजे से अपराह्न 03:06 बजे तक
- चर (सामान्य): अपराह्न 03:06 बजे से सायं 04:46 बजे तक
- लाभ (उन्नति): सायं 04:46 बजे से सायं 06:27 बजे तक
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:08 बजे से प्रातः 04:50 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: प्रातः 04:29 बजे से प्रातः 05:32 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:33 बजे से अपराह्न 03:27 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:02 बजे से सायं 07:23 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: सायं 07:04 बजे से रात्रि 08:06 बजे तक
- अमृत काल: सायं 07:41 बजे से रात्रि 09:13 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:56 बजे से रात्रि 12:38 बजे (14 मई) तक
आज के अशुभ काल
- राहुकाल: पूर्वाह्न 11:46 बजे से दोपहर 01:26 बजे तक
- यमगण्ड: प्रातः 06:46 बजे से प्रातः 08:26 बजे तक
- गुलिक काल: पूर्वाह्न 10:06 बजे से पूर्वाह्न 11:46 बजे तक
विशेष ज्योतिषीय संकेत
- गण्ड मूल: रात्रि 12:17 बजे (14 मई) से प्रातः 05:31 बजे (14 मई) तक
- पंचक: पूरे दिन प्रभावी रहेगा
- दिशाशूल: उत्तर दिशा
- चन्द्र वास: उत्तर दिशा
- राहु वास: दक्षिण-पश्चिम दिशा
- अग्निवास: पृथ्वी पर
- शिववास: दोपहर 01:29 बजे तक कैलाश पर, इसके बाद नंदी पर।
धार्मिक मान्यता के अनुसार आज एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाएगा। पंचक के प्रभाव के कारण भवन निर्माण, दक्षिण दिशा की यात्रा और कुछ मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। वहीं भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य के लिए दिन विशेष फलदायी माना गया है।
Tags
National news
