आज का पंचांग : 15 मई 2026, शुक्रवार

 

भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और समय का विवरण नहीं, बल्कि जीवन को शुभ दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक माना गया है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल, शुभ-अशुभ योग और मुहूर्त मनुष्य के दैनिक कार्यों से लेकर धार्मिक अनुष्ठानों तक गहरा प्रभाव डालते हैं। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और सुख-समृद्धि की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ अमावस्या का आगमन भी हो रहा है, जिससे दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है। आइए जानते हैं 15 मई 2026, शुक्रवार का विस्तृत पंचांग:-

तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रातः 05:52 बजे तक, उपरांत त्रयोदशी तिथि। फिर शाम 03:51 बजे के बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी।

संवत: श्री शुभ संवत 2083

शक संवत: 1948

सूर्य एवं चंद्र संबंधी जानकारी

सूर्योदय: प्रातः 05:23 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:36 बजे

नक्षत्र एवं योग

अश्विनी नक्षत्र: रात्रि 08:14 बजे तक, इसके बाद भरणी नक्षत्र प्रारंभ होगा।

आयुष्मान योग: दोपहर 02:21 बजे तक, इसके बाद सौभाग्य योग आरंभ होगा।

करण

वणिज करण: प्रातः 08:31 बजे तक

विष्टि करण: सायं 06:54 बजे तक

शकुनि करण: 16 मई प्रातः 05:11 बजे तक, इसके बाद चतुष्पाद करण प्रारंभ होगा।

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान: 13 घंटे 34 मिनट 18 सेकंड

रात्रिमान: 10 घंटे 25 मिनट 06 सेकंड

मध्याह्न: दोपहर 12:18 बजे

आज का चौघड़िया

चर (सामान्य): प्रातः 05:04 बजे से 06:45 बजे तक

लाभ (उन्नति): प्रातः 06:45 बजे से 08:25 बजे तक

अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 08:25 बजे से 10:06 बजे तक

काल (हानि): प्रातः 10:06 बजे से 11:46 बजे तक

शुभ (उत्तम): दोपहर 11:46 बजे से 01:26 बजे तक

रोग (अमंगल): दोपहर 01:26 बजे से 03:07 बजे तक

उद्वेग (अशुभ): सायं 03:07 बजे से 04:47 बजे तक

चर (सामान्य): सायं 04:47 बजे से 06:28 बजे तक

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:39 बजे से 04:22 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:19 बजे से 12:13 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:00 बजे से 02:53 बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 10:06 बजे से 11:46 बजे तक

यमगण्ड: दोपहर 03:07 बजे से 04:47 बजे तक

गुलिक काल: प्रातः 06:45 बजे से 08:25 बजे तक

दिशाशूल: पश्चिम दिशा

शिववास :  आज शिववास प्रातः 08:31 बजे तक भोजन में रहेगा। इसके बाद 16 मई प्रातः 05:11 बजे तक श्मशान में माना जाएगा। तत्पश्चात गौरी के साथ शिववास रहेगा।

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