सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और नक्षत्र का विवरण भर नहीं होता, बल्कि यह दिनभर की शुभता-अशुभता, ग्रहों की चाल और जीवन के विभिन्न कार्यों के लिए उपयुक्त समय का दर्पण माना जाता है। रविवार, 10 मई 2026 को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष संयोग बन रहा है। धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र के प्रभाव के साथ ब्रह्म एवं इन्द्र योग का निर्माण इस दिन को आध्यात्मिक साधना, धार्मिक अनुष्ठान और शुभ कार्यों की योजना के लिए महत्वपूर्ण बना रहा है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और दिनभर के शुभ-अशुभ समय।
तिथि एवं नक्षत्र : आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 03:06 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
धनिष्ठा नक्षत्र रात 12:50 बजे (11 मई) तक रहेगा, तत्पश्चात शतभिषा नक्षत्र आरंभ होगा।
योग की दृष्टि से आज ब्रह्म योग रात 02:09 बजे (11 मई) तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद इन्द्र योग प्रारंभ होगा।
करण : कौलव करण दोपहर 03:06 बजे तक रहेगा। इसके बाद तैतिल करण रात 03:21 बजे (11 मई) तक रहेगा, फिर गर करण प्रारंभ होगा।
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
सूर्योदय : सुबह 05:34 बजे
सूर्यास्त : शाम 07:02 बजे
चंद्रोदय : रात 01:50 बजे (11 मई)
चन्द्रास्त : दोपहर 12:20 बजे
दिनमान 13 घंटे 28 मिनट 04 सेकंड तथा रात्रिमान 10 घंटे 31 मिनट 14 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय 12:18 बजे होगा।
संवत एवं काल गणना
श्री शुभ संवत : 2083
शाके : 1948
हिजरी सन : 1447-48
राशि तथा ग्रह स्थिति : आज चंद्रमा दोपहर 12:12 बजे तक मकर राशि में रहेंगे, इसके बाद कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य वर्तमान में मेष राशि में स्थित हैं। ग्रहों की यह स्थिति कार्यक्षेत्र, सामाजिक संबंधों और मानसिक ऊर्जा पर विशेष प्रभाव डाल सकती है।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:09 बजे से 04:51 बजे तक
प्रातः सन्ध्या : सुबह 04:30 बजे से 05:34 बजे तक
अभिजित मुहूर्त : सुबह 11:51 बजे से 12:45 बजे तक
विजय मुहूर्त : दोपहर 02:32 बजे से 03:26 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त : शाम 07:00 बजे से 07:22 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या : शाम 07:02 बजे से 08:05 बजे तक
अमृत काल : दोपहर 01:49 बजे से 03:30 बजे तक
निशिता मुहूर्त : रात 11:56 बजे से 12:38 बजे (11 मई) तक
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : शाम 05:21 बजे से 07:02 बजे तक
यमगण्ड : दोपहर 12:18 बजे से 01:59 बजे तक
गुलिक काल : दोपहर 03:40 बजे से 05:21 बजे तक
दुर्मुहूर्त : शाम 05:14 बजे से 06:08 बजे तक
विशेष योग एवं सावधानियां
आज दोपहर 12:12 बजे से अगले दिन सुबह 05:33 बजे तक पंचक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में शुभ एवं मांगलिक कार्यों को सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी जाती है।
दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा, अतः पश्चिम दिशा की यात्रा से पूर्व आवश्यक उपाय करना शुभ माना जाएगा।
शिववास दोपहर 03:06 बजे तक गौरी के साथ रहेगा, इसके बाद सभा में माना जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज का दिन भगवान शिव की उपासना, ध्यान, जप और दान-पुण्य के लिए विशेष फलदायी माना गया है। ब्रह्म योग और धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है।
