आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और गुरुवार का पावन संयोग बना है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और साध्य योग का प्रभाव दिनभर बना रहेगा, जिससे शिक्षा, ज्ञान, पूजा-पाठ, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल परिस्थितियां निर्मित होंगी। हालांकि राहुकाल और दुर्मुहूर्त के समय मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति।
तिथि एवं वार
तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी सुबह 10:14 बजे तक, इसके बाद षष्ठी तिथि आरंभ
वार: गुरुवार
नक्षत्र एवं योग
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शाम 06:45 बजे तक, इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र आरंभ
साध्य योग रात्रि 01:11 बजे से 08 मई 01:59 बजे तक इसके बाद शुभ योग प्रारंभ होगा
करण
तैतिल करण – सुबह 10:14 बजे तक
गर करण – सुबह 10:14 बजे से रात्रि 11:20 बजे तक
वणिज करण – रात्रि 11:20 बजे से 08 मई दोपहर 12:22 बजे तक
सूर्य एवं चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय – सुबह 05:53 बजे
सूर्यास्त – शाम 06:53 बजे
चन्द्रोदय – रात्रि 11:54 बजे
चन्द्रास्त – 08 मई सुबह 10:46 बजे
सूर्य मेष राशि में स्थित हैं। चन्द्रमा 08 मई रात्रि 01:26 बजे तक धनु राशि में रहेंगे, इसके बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक
अमृत काल – दोपहर 01:22 बजे से 03:10 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:16 बजे से 05:04 बजे तक
आज का अशुभ काल
राहुकाल – दोपहर 02:00 बजे से 03:38 बजे तक
यमगण्ड – सुबह 05:53 बजे से 07:31 बजे तक
कुलिक काल – सुबह 09:08 बजे से 10:46 बजे तक
दुर्मुहूर्त – सुबह 10:13 बजे से 11:05 बजे तक तथा दोपहर 03:25 बजे से 04:17 बजे तक
आज का चौघड़िया मुहूर्त
दिन का चौघड़िया
शुभ – सुबह 05:36 बजे से 07:16 बजे तक
चर – सुबह 10:37 बजे से 12:18 बजे तक
लाभ – दोपहर 12:18 बजे से 01:58 बजे तक
अमृत – दोपहर 01:58 बजे से 03:39 बजे तक
रात का चौघड़िया
चर – रात्रि 08:19 बजे से 09:39 बजे तक
लाभ – रात्रि 12:17 बजे से 01:37 बजे तक, 08 मई
शुभ – रात्रि 02:56 बजे से 04:16 बजे तक, 08 मई
अमृत – प्रातः 04:16 बजे से 05:35 बजे तक, 08 मई
धार्मिक मान्यता के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा, पीले वस्त्र धारण करना, केले के वृक्ष की पूजा तथा जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। आज के शुभ योग में किए गए धार्मिक एवं मांगलिक कार्य विशेष सफलता प्रदान कर सकते हैं।
