भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल तिथियों और समय का गणित नहीं, बल्कि जीवन की लय को संतुलित करने का एक प्राचीन मार्गदर्शक है। दिन की शुरुआत किस भावना और किस मुहूर्त में हो, कौन-सा समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त है और कब सावधानी बरतनी चाहिए। इन सभी प्रश्नों का उत्तर पंचांग देता है। प्रस्तुत है आज का विस्तृत पंचांग, जो आपके दिन को योजनाबद्ध और सफल बनाने में सहायक हो सकता है।
तिथि एवं नक्षत्र
आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि प्रातः 7 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, इसके पश्चात पंचमी तिथि का आरंभ हो जाएगा।
नक्षत्र की दृष्टि से आज मूल नक्षत्र दोपहर 3 बजकर 54 मिनट तक प्रभावी रहेगा, तत्पश्चात पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
सूर्योदय – प्रातः 05:40 बजे
सूर्यास्त – सायं 06:54 बजे
चन्द्रोदय – रात्रि 11:18 बजे
चन्द्रास्त – अगले दिन प्रातः 09:30 बजे
करण एवं योग
आज के प्रमुख करणों में
बालव प्रातः 7:51 बजे तक, कौलव रात्रि 9:04 बजे तक, इसके बाद तैतिल करण प्रभावी रहेगा।
योग की स्थिति में
सिद्ध योग रात्रि 1:11 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात साध्य योग का आरंभ होगा।
शुभ मुहूर्त
अमृत काल – प्रातः 08:46 से 10:34 तक
ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04:03 से 04:51 तक
(आज अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है)
अशुभ काल
राहुकाल – दोपहर 12:17 से 01:56 तक
यमगण्ड – प्रातः 07:19 से 08:59 तक
कुलिक काल – प्रातः 10:38 से दोपहर 12:17 तक
दुर्मुहूर्त – प्रातः 11:51 से दोपहर 12:44 तक
वर्ज्यम् – दोपहर 02:05 से 03:53 तक, रात्रि 02:38 से 04:25 तक
दिन का चौघड़िया
लाभ (उन्नति) – प्रातः 05:37 से 07:17
अमृत (सर्वोत्तम) – प्रातः 07:17 से 08:57
काल (हानि) – प्रातः 08:57 से 10:38
शुभ (उत्तम) – प्रातः 10:38 से दोपहर 12:18
रोग (अमंगल) – दोपहर 12:18 से 01:58
उद्वेग (अशुभ) – दोपहर 01:58 से 03:39
चर (सामान्य) – दोपहर 03:39 से सायं 05:19
लाभ (उन्नति) – सायं 05:19 से 06:59
रात का चौघड़िया
उद्वेग – सायं 06:59 से 08:19
शुभ – रात्रि 08:19 से 09:38
अमृत – रात्रि 09:38 से 10:58
चर – रात्रि 10:58 से 12:18
रोग – रात्रि 12:18 से 01:37
काल – रात्रि 01:37 से 02:57
लाभ – रात्रि 02:57 से 04:16
उद्वेग – प्रातः 04:16 से 05:36
आज का दिन मिश्रित फल देने वाला है। प्रातः काल के अमृत और लाभ चौघड़िया विशेष रूप से शुभ हैं, जिनमें नए कार्यों की शुरुआत करना लाभकारी रहेगा। वहीं दोपहर के राहुकाल और दुर्मुहूर्त में महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए। संयम, समय-प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ दिन को सफल बनाया जा सकता है।
