भारतीय संस्कृति में पंचांग का विशेष महत्व है, जिसके आधार पर दैनिक कार्यों, शुभ मुहूर्त और धार्मिक अनुष्ठानों का निर्धारण किया जाता है। आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि आज से वैशाख मास का प्रारंभ हो रहा है। आइए जानते हैं 3 अप्रैल 2026, शुक्रवार का विस्तृत पंचांग—
तिथि एवं पक्ष : आज कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रचलित रहेगी। प्रातः 08:42 बजे के बाद द्वितीया तिथि आरंभ होगी।
नक्षत्र एवं योग : चित्रा नक्षत्र सायं 07:25 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात स्वाती नक्षत्र प्रारंभ होगा। व्याघात योग दोपहर 02:09 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद हर्षण योग प्रारंभ होगा।
करण : कौलव करण प्रातः 08:42 बजे तक रहेगा। इसके बाद तैतिल करण रात्रि 09:22 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात गर करण प्रारंभ होगा।
चन्द्र मास, संवत एवं संवत्सर
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948 (पराभव) तथा गुजराती संवत 2082 (पिंगल) मान्य रहेगा। चंद्र मास वैशाख (पूर्णिमांत) एवं चैत्र (अमान्त) रहेगा।
राशि एवं ग्रह स्थिति
चंद्रमा प्रातः 06:28 बजे तक कन्या राशि में रहेंगे, इसके पश्चात तुला राशि में गोचर करेंगे।
चित्रा नक्षत्र का द्वितीय चरण प्रातः 06:28 बजे तक, तृतीय चरण दोपहर 12:56 बजे तक तथा चतुर्थ चरण सायं 07:25 बजे तक रहेगा। इसके बाद स्वाती नक्षत्र प्रारंभ होगा। सूर्य मीन राशि में स्थित रहेंगे।
सूर्योदय एवं चंद्रोदय
सूर्योदय: प्रातः 06:09 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:40 बजे
चंद्रोदय: रात्रि 08:04 बजे
चंद्रास्त: प्रातः 06:27 बजे
दिनमान: 12 घंटे 30 मिनट 53 सेकंड
रात्रिमान: 11 घंटे 27 मिनट 58 सेकंड
मध्याह्न काल: दोपहर 12:25 बजे
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:37 बजे से 05:23 बजे तक।
- प्रातः सन्ध्या: 05:00 बजे से 06:09 बजे तक।
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:20 बजे तक।
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:39 बजे से 07:02 बजे तक।
- सायाह्न सन्ध्या: 06:40 बजे से 07:49 बजे तक।
- अमृत काल: दोपहर 12:32 बजे से 02:15 बजे तक।
- निशिता मुहूर्त: 4 अप्रैल रात्रि 12:01 बजे से 12:47 बजे तक
अशुभ समय
- राहुकाल: प्रातः 10:51 बजे से 12:25 बजे तक।
- यमगण्ड: दोपहर 03:32 बजे से 05:06 बजे तक।
- गुलिक काल: प्रातः 07:43 बजे से 09:17 बजे तक।
- दुर्मुहूर्त: प्रातः 08:39 बजे से 09:29 बजे तक एवं दोपहर 12:50 बजे से 01:40 बजे तक।
- दिशा शूल: पश्चिम दिशा
- अग्निवास: पृथ्वी में
- चन्द्र वास: प्रातः 06:28 बजे तक दक्षिण, तत्पश्चात पश्चिम
- राहु वास: दक्षिण-पूर्व दिशा
- शिववास: प्रातः 08:42 बजे तक गौरी के साथ, तत्पश्चात सभा में
- कुम्भ चक्र: उत्तर दिशा
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि वैशाख मास का आरंभ हो रहा है। शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखते हुए किए गए कार्य सफलता और सकारात्मक फल प्रदान कर सकते हैं। वहीं, अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना हितकर रहेगा।
