आज 21 मई 2026 का पंचांग : धर्म, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों का विशेष संयोग

आज अधिक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि आज दिन में 01 बजकर 45 मिनट तक रहेगी, जिसके उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ होगा। आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। शुभ कार्यों, पूजा-पाठ, मांगलिक आयोजनों और नए कार्यों की शुरुआत के लिए दिन के कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। वहीं राहुकाल और यमगण्ड जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

आज चंद्रमा का प्रभाव उत्तर दिशा में रात 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, उसके बाद दक्षिण दिशा में चंद्र वास माना जाएगा। दिशा शूल दक्षिण दिशा में होने के कारण इस दिशा की यात्रा से बचना शुभ रहेगा।

पंचांग विवरण

तिथि : अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पंचमी दिन 01:45 बजे तक, उपरांत षष्ठी तिथि

संवत : श्री शुभ संवत 2083

शक संवत : 1948

सूर्योदय : सुबह 05:20 बजे

सूर्यास्त : शाम 06:40 बजे

आज का चौघड़िया

शुभ – उत्तम : सुबह 05:02 बजे से 06:43 बजे तक

रोग – अमंगल : सुबह 06:43 बजे से 08:24 बजे तक

उद्वेग – अशुभ : सुबह 08:24 बजे से 10:05 बजे तक

चर – सामान्य : सुबह 10:05 बजे से 11:46 बजे तक

लाभ – उन्नति : दोपहर 11:46 बजे से 01:27 बजे तक

अमृत – सर्वोत्तम : दोपहर 01:27 बजे से 03:09 बजे तक

काल – हानि : शाम 03:09 बजे से 04:50 बजे तक

शुभ – उत्तम : शाम 04:50 बजे से 06:31 बजे तक

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 03:37 बजे से 04:20 बजे तक

अभिजित मुहूर्त : दोपहर 11:19 बजे से 12:13 बजे तक

विजय मुहूर्त : दोपहर 02:01 बजे से 02:55 बजे तक

आज के अशुभ मुहूर्त

राहुकाल : दोपहर 01:27 बजे से 03:09 बजे तक

यमगण्ड : सुबह 05:02 बजे से 06:43 बजे तक

गुलिक काल : सुबह 08:24 बजे से 10:05 बजे तक

अन्य ज्योतिषीय योग

दिशा शूल : दक्षिण दिशा

चन्द्र वास : रात 10:38 बजे तक उत्तर दिशा में, तत्पश्चात दक्षिण दिशा में

राहु वास : दक्षिण दिशा

अग्निवास : पृथ्वी पर, इसके बाद पाताल में

शिववास : सुबह 08:26 बजे तक कैलाश में, इसके बाद नंदी पर माना जाएगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज का दिन आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य, मंत्र जाप और भगवान शिव-विष्णु की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।

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