आज का पंचांग: 22 मई 2026 , ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी पर आश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव, वृद्धि योग से बढ़ेगा शुभता का संयोग

भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और समय का गणित नहीं, बल्कि जीवन की दैनिक दिशा तय करने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक माना जाता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त और योगों का विशेष महत्व होता है, जिनके आधार पर पूजा-पाठ, यात्रा, मांगलिक कार्य और दैनिक निर्णय निर्धारित किए जाते हैं। शुक्रवार, 22 मई 2026 को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज आश्लेषा नक्षत्र एवं वृद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है।

पंचांग विवरण : तिथि – शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि शाम 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी।

नक्षत्र – आश्लेषा नक्षत्र रात्रि 26:09:04 तक प्रभावी रहेगा।

योग – वृद्धि योग।

करण – तैतिल करण प्रातः 06:27:30 तक, इसके बाद गर करण रहेगा।

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – सुबह 05:27 बजे

सूर्यास्त – शाम 07:09 बजे

चंद्रोदय – सुबह 11:01 बजे

चंद्रास्त – रात्रि 12:32 बजे (23 मई)

 आज का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04:00 बजे से 04:44 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:50:27 बजे से 12:45:13 बजे तक

आज का अशुभ मुहूर्त 

राहुकाल – सुबह 10:35:07 बजे से 12:17:50 बजे तक

गुलिक काल – सुबह 07:09:41 बजे से 08:52:24 बजे तक

यमगण्ड काल – शाम 05:19:08 बजे से 06:13:55 बजे तक

दिशाशूल ; आज पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। अतः आवश्यक यात्रा से पूर्व शुभ उपाय कर प्रस्थान करना हितकारी माना गया है।

आज का विशेष महत्व : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आश्लेषा नक्षत्र मानसिक एकाग्रता, शोध, आध्यात्मिक चिंतन और गूढ़ विषयों के अध्ययन के लिए विशेष माना जाता है। वहीं वृद्धि योग शुभ कार्यों, निवेश, नए कार्यारंभ और सकारात्मक निर्णयों के लिए अनुकूल संकेत देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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