आज का पंचांग
भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और समय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सार्थक बनाने का मार्गदर्शक माना जाता है। दिन की शुरुआत किस मुहूर्त में करें, कौन-सा कार्य कब करें और किन समयों से बचें—इन सभी का सूक्ष्म ज्ञान पंचांग के माध्यम से प्राप्त होता है। आज 4 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन भी अपने साथ शुभ-अशुभ योगों का विशेष संगम लेकर आया है, जो प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक निर्णयों को प्रभावित कर सकता है।
आज का पंचांग (4 अप्रैल 2026, शनिवार)
आज वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 08 बजकर 26 मिनट तक रहेगी, इसके पश्चात तृतीया तिथि का आरंभ हो जाएगा।
- तिथि: द्वितीया (प्रातः 08:26 तक), फिर तृतीया
- वार: शनिवार
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1948
- सूर्योदय: प्रातः 05:37 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:01 बजे
- अयन: उत्तरायण
- ऋतु: वसंत
नक्षत्र, योग और करण
आज स्वाति नक्षत्र सायं 08 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद विशाखा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
- नक्षत्र: स्वाति (सायं 08:30 तक), फिर विशाखा
- योग: हर्षण (दोपहर 01:06 तक), इसके बाद वज्र योग
- करण: गर, उसके बाद वणिज (भद्रा)
भद्रा काल: आज रात 11 बजकर 01 मिनट से प्रारंभ होकर कल सुबह 11 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्यों से परहेज करना उचित माना गया है।
आज का चौघड़िया (शुभ-अशुभ समय)
- काल (हानि): प्रातः 05:37 से 07:10 तक
- शुभ (उत्तम): प्रातः 07:10 से 08:43 तक
- रोग (अशुभ): प्रातः 08:43 से 10:16 तक
- उद्वेग (अशुभ): प्रातः 10:16 से 11:49 तक
- चर (सामान्य): दोपहर 11:49 से 01:21 तक
- लाभ (उन्नति): दोपहर 01:21 से 02:54 तक
- अमृत (सर्वोत्तम): दोपहर 02:54 से 04:27 तक
- काल (हानि): सायं 04:27 से 06:01 तक
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:08 से 04:52 तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:43 से 12:32 तक
इन मुहूर्तों में किए गए कार्य विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं।
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: प्रातः 08:43 से 10:16 तक
- यमगण्ड: दोपहर 01:21 से 02:54 तक
- गुलिक काल: प्रातः 05:37 से 07:10 तक
इन समयों में नए कार्यों की शुरुआत से बचना बेहतर रहेगा।
दिशाशूल
आज पूर्व दिशा में दिशाशूल है। यदि इस दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो, तो अदरक या उड़द का सेवन कर निकलना शुभ माना गया है।
आज का दिन मिश्रित प्रभावों वाला है, जहां एक ओर हर्षण योग और अमृत चौघड़िया जैसे शुभ संयोग कार्यों में सफलता के संकेत दे रहे हैं, वहीं भद्रा और राहुकाल जैसे अशुभ समय सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। ऐसे में विवेक और समय का संतुलित उपयोग ही सफलता की कुंजी साबित होगा।
पंचांग के अनुसार दिनचर्या का नियोजन कर हम न केवल अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन भी स्थापित कर सकते हैं।
