आज का पंचांग: 22 अप्रैल 2026, बुधवार

भारतीय वैदिक परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व है। यह न केवल तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी देता है, बल्कि दैनिक जीवन में शुभ-अशुभ समय के निर्धारण में भी मार्गदर्शन करता है। प्रस्तुत है 22 अप्रैल 2026 (बुधवार) का विस्तृत पंचांग, जो आपके दिन की योजना को अधिक सफल और संतुलित बनाने में सहायक होगा।

तिथि एवं संवत्सर

  • तिथि: वैशाख शुक्ल पक्ष षष्ठी रात्रि 10:49 बजे तक, इसके बाद सप्तमी
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि संवत्सर)
  • शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

नक्षत्र एवं योग

  • नक्षत्र: आर्द्रा रात्रि 10:13 बजे तक, इसके बाद पुनर्वसु
  • योग:
    • अतिगण्ड योग प्रातः 09:08 बजे तक
    • सुकर्मा योग इसके बाद प्रारंभ

करण

  • कौलव प्रातः 12:01 बजे तक
  • तैतिल रात्रि 10:50 बजे तक
  • इसके बाद गर करण

ग्रह स्थिति

  • चन्द्रमा: मिथुन राशि में संचार करेगा

सूर्य एवं चन्द्रमा का समय

  • सूर्योदय: प्रातः 06:04 बजे
  • सूर्यास्त: सायं 06:46 बजे
  • चन्द्रोदय: प्रातः 10:06 बजे
  • चन्द्रास्त: रात्रि 12:21 बजे (अगले दिन)

शुभ मुहूर्त

  • अमृत काल: दोपहर 12:56 बजे से 02:25 बजे तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:27 बजे से 05:15 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: उपलब्ध नहीं

अशुभ समय

  • राहुकाल: दोपहर 12:25 बजे से 02:00 बजे तक
  • यमगण्ड: प्रातः 07:39 बजे से 09:14 बजे तक
  • कुलिक काल: प्रातः 10:50 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से 12:50 बजे तक
  • वर्ज्यम्: प्रातः 07:45 बजे से 09:14 बजे तक

चौघड़िया मुहूर्त (दिवस)

  • लाभ: 06:04 बजे – 07:39 बजे
  • अमृत: 07:39 बजे – 09:14 बजे
  • काल: 09:14 बजे – 10:50 बजे
  • शुभ: 10:50 बजे – 12:25 बजे
  • रोग: 12:25 बजे – 02:00 बजे
  • उद्बेग: 02:00 बजे – 03:35 बजे
  • चर: 03:35 बजे – 05:11 बजे
  • लाभ: 05:11 बजे – 06:46 बजे

आज का दिन सामान्य रूप से शुभ फलदायी है, विशेषकर सुकर्मा योग के प्रभाव से कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। हालांकि राहुकाल और यमगण्ड जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना उचित रहेगा। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल विशेष रूप से शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं।

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