भारतीय संस्कृति में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। पंचांग न केवल तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी देता है, बल्कि शुभ-अशुभ समय, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति तथा दैनिक कार्यों की योजना बनाने में भी मार्गदर्शन प्रदान करता है। रविवार, 14 जून 2026 को ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज धृति योग का प्रभाव रहेगा तथा रोहिणी नक्षत्र रात्रि तक विद्यमान रहेगा। धार्मिक दृष्टि से यह दिन भगवान शिव की आराधना, ध्यान, जप एवं दान-पुण्य के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
पंचांग विवरण
- मास : ज्येष्ठ (मलेमास)
- पक्ष : कृष्ण पक्ष
- तिथि : चतुर्दशी, दोपहर 12:19 बजे तक, इसके बाद अमावस्या आरंभ हो जाएगी।
- नक्षत्र : रोहिणी, रात्रि 10:12 बजे तक
- योग : धृति, दोपहर 1:11 बजे तक
सूर्य एवं चंद्रमा से संबंधित समय
- सूर्योदय : प्रातः 5:25 बजे
- सूर्यास्त : सायं 7:10 बजे
- चंद्रोदय : प्रातः 4:01 बजे
- चंद्रास्त : सायं 6:43 बजे
आज का शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त : प्रातः 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त -04:16 से 05:01 सुबह
गोधूलि मुहूर्त-06:39 से 07:01 शाम
यह समय नए कार्यों के आरंभ, महत्वपूर्ण निर्णय लेने तथा शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है।
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल : सायं 5:27 बजे से 7:10 बजे तक
- गुलिक काल : दोपहर 3:44 बजे से सायं 5:27 बजे तक
- यमगण्ड काल : दोपहर 12:17 बजे से 2:01 बजे तक
इन समयावधियों में नए एवं मांगलिक कार्यों को आरंभ करने से बचना उचित माना जाता है।
दिन का चौघड़िया
चौघड़िया| समय
उद्वेग| प्रातः 5:24 – 7:07
चर| प्रातः 7:07 – 8:50
लाभ| प्रातः 8:50 – 10:33
अमृत| प्रातः 10:33 – दोपहर 12:17
काल| दोपहर 12:17 – 2:00
शुभ| दोपहर 2:00 – 3:43
रोग| सायं 3:43 – 5:26
रात्रि का चौघड़िया
चौघड़िया| समय
शुभ| सायं 7:09 – 8:26
अमृत| रात्रि 8:26 – 9:43
चर| रात्रि 9:43 – 11:00
रोग| रात्रि 11:00 – 12:17
काल| रात्रि 12:17 – 1:34
लाभ| रात्रि 1:34 – 2:50
उद्वेग| रात्रि 2:50 – 4:07
शुभ| प्रातः 4:07 – 5:24
दिशा शूल -पश्चिम दिशा में
आज का धार्मिक महत्व : ज्येष्ठ अधिकमास की कृष्ण चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष मानी जाती है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दुग्ध, बेलपत्र एवं धतूरा अर्पित करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। धृति योग मनोबल, धैर्य और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है, जबकि रोहिणी नक्षत्र को समृद्धि, उन्नति और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नक्षत्र माना गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज का दिन आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य, धार्मिक अनुष्ठान तथा पारिवारिक कल्याण के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। श्रद्धालु भगवान शिव का स्मरण कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।यह लेख राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय समाचार पत्रों के धर्म, ज्योतिष और पंचांग स्तंभ में प्रकाशन हेतु उपयुक्त शैली में तैयार किया गया है।
