भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और नक्षत्र का विवरण नहीं है, बल्कि यह जीवन को शुभता, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ने वाला मार्गदर्शक भी है। आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, पुरुषोत्तम (अधिक) मास का 26वां दिन तथा भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र पुरुषोत्तमा (कमला) एकादशी का व्रत है। विशेष बात यह है कि आज दिनभर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जो सभी प्रकार के मांगलिक, धार्मिक एवं शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। पंचक का समापन प्रातः 8:17 बजे हो रहा है तथा गण्डमूल का भी विचार रहेगा।
आज की प्रमुख पंचांग जानकारी
तिथि : ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी, रात्रि 10:37 बजे तक, तत्पश्चात द्वादशी
मास : पुरुषोत्तम (अधिक) मास, 26वां दिन
वार : गुरुवार
नक्षत्र : रेवती प्रातः 8:17 बजे तक, इसके बाद अश्विनी
चन्द्रमा : मीन राशि में प्रातः 8:17 बजे तक, तत्पश्चात मेष राशि में
सूर्य : उत्तरायण
पंचक समाप्ति : प्रातः 8:17 बजे
विशेष व्रत : पुरुषोत्तमा (कमला) एकादशी
सूर्योदय एवं चन्द्र संबंधी समय
सूर्योदय : प्रातः 5:23 बजे
सूर्यास्त : सायं 7:19 बजे
चंद्रोदय : 12 जून को प्रातः 2:31 बजे
चंद्रास्त : अपराह्न 3:10 बजे
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 4:44 बजे से 5:16 बजे तक
प्रातः संध्या : प्रातः 5:00 बजे से 5:47 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग : प्रातः 5:47 बजे से अगले दिन प्रातः 2:58 बजे तक
अभिजित मुहूर्त : दोपहर 1:18 बजे से 2:23 बजे तक
विजय मुहूर्त : सायं 4:32 बजे से 5:36 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त : रात्रि 9:52 बजे से 10:08 बजे तक
अमृत काल : रात्रि 8:19 बजे से 9:47 बजे तक
शुभ चौघड़िया
अमृत (सर्वोत्तम) : सायं 5:34 बजे से 7:19 बजे तक
चर (सामान्य) : रात्रि 8:34 बजे से 9:50 बजे तक
लाभ (उन्नति) : रात्रि 12:21 बजे से 1:36 बजे तक (12 जून)
शुभ (उत्तम) : रात्रि 2:52 बजे से 4:07 बजे तक (12 जून)
अमृत (सर्वोत्तम) : प्रातः 4:07 बजे से 5:23 बजे तक (12 जून)
अशुभ समय एवं सावधानियां
राहुकाल : अपराह्न 3:51 बजे से सायं 5:52 बजे तक
यमगण्ड : प्रातः 5:47 बजे से 7:48 बजे तक
गुलिक काल : प्रातः 9:49 बजे से 11:50 बजे तक
दुर्मुहूर्त : प्रातः 11:09 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक
दिशाशूल : दक्षिण दिशा
शिववास:आज भगवान शिव का वास कैलाश पर्वत पर रात्रि 10:36 बजे तक रहेगा, इसके पश्चात नंदी पर शिववास माना जाएगा।
धार्मिक महत्व
पुरुषोत्तम मास में पड़ने वाली कमला एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा, व्रत, दान और जप करने से आर्थिक समृद्धि, मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग इस दिन के महत्व को और अधिक बढ़ा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन भक्ति, साधना, दान-पुण्य तथा शुभ संकल्पों की सिद्धि के लिए विशेष फलदायी माना गया है।
