भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और वार की जानकारी भर नहीं देता, बल्कि यह दिनभर के शुभ-अशुभ समय, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति तथा धार्मिक एवं मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त मुहूर्तों का भी मार्गदर्शन करता है। आज रविवार, 7 जून 2026 को ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। दिन की शुरुआत धनिष्ठा नक्षत्र, वैधृति योग और विष्टि करण के प्रभाव में हो रही है। विशेष बात यह है कि आज प्रातः द्विपुष्कर योग और रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो नए कार्यों के आरंभ, निवेश तथा धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। हालांकि दिनभर पंचक और भद्रा का प्रभाव भी रहेगा, इसलिए महत्वपूर्ण कार्य करते समय शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
पंचांग विवरण
तिथि : कृष्ण सप्तमी – प्रातः 03:24 बजे, 8 जून तक, इसके बाद अष्टमी
नक्षत्र : धनिष्ठा – प्रातः 07:55 बजे तक, इसके बाद शतभिषा
करण : विष्टि – अपराह्न 03:07 बजे तक, इसके बाद बव, जो 8 जून प्रातः 03:24 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात बालव
योग : वैधृति – प्रातः 10:02 बजे तक, इसके बाद विष्कम्भ
पक्ष : कृष्ण पक्ष
सूर्योदय एवं चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय : प्रातः 05:23 बजे
सूर्यास्त : सायं 07:17 बजे
चंद्रोदय : रात्रि 12:21 बजे (8 जून)
चंद्रास्त : पूर्वाह्न 11:09 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:02 बजे से 04:42 बजे तक
द्विपुष्कर योग : प्रातः 05:23 बजे से 07:55 बजे तक
रवि योग : प्रातः 05:23 बजे से 07:55 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : पूर्वाह्न 11:52 बजे से 12:48 बजे तक
विजय मुहूर्त : अपराह्न 02:39 बजे से 03:35 बजे तक
निशिता मुहूर्त : रात्रि 12:00 बजे से 12:40 बजे तक (8 जून)
अमृत काल : रात्रि 01:35 बजे से 03:16 बजे तक (8 जून)
शुभ चौघड़िया
चर : प्रातः 07:07 बजे से 08:51 बजे तक
लाभ : प्रातः 08:51 बजे से 10:36 बजे तक
अमृत : प्रातः 10:36 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
शुभ : अपराह्न 02:04 बजे से 03:49 बजे तक
शुभ : सायं 07:17 बजे से 08:33 बजे तक
अमृत : रात्रि 08:33 बजे से 09:49 बजे तक
चर : रात्रि 09:49 बजे से 11:04 बजे तक
लाभ : रात्रि 01:36 बजे से 02:51 बजे तक (8 जून)
शुभ : प्रातः 04:07 बजे से 05:23 बजे तक (8 जून)
आज के अशुभ समय
भद्रा : प्रातः 05:23 बजे से अपराह्न 03:07 बजे तक
भद्रा का वास : पृथ्वी लोक पर
यमगण्ड : दोपहर 12:20 बजे से 02:04 बजे तक
गुलिक काल : अपराह्न 03:49 बजे से 05:33 बजे तक
दुर्मुहूर्त : सायं 05:26 बजे से 06:22 बजे तक
राहुकाल : सायं 05:33 बजे से 07:17 बजे तक
पंचक : पूरे दिन प्रभावी
दिशाशूल : पश्चिम दिशा
शिववास : भगवान शिव का वास श्मशान में रहेगा, जो 8 जून प्रातः 03:24 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात शिवजी का वास गौरी के साथ माना जाएगा।
नोट: धनिष्ठा नक्षत्र में बनने वाला द्विपुष्कर योग और रवि योग अत्यंत शुभ फलदायी माने जाते हैं। इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों, धार्मिक अनुष्ठानों, दान-पुण्य तथा नए संकल्पों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। वहीं भद्रा, पंचक और राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन भगवान शिव एवं सूर्यदेव की उपासना के लिए विशेष फलदायी माना गया है।
