आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली तृतीया और चतुर्थी तिथि के संयोग के साथ कई शुभ योग बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ, दान-पुण्य और नए कार्यों के आरंभ के लिए अनुकूल माने जाते हैं। विशेष रूप से मातंगी जयंती, रोहिणी व्रत और संकर्षण चतुर्थी जैसे पर्व आज के दिन को और भी पवित्र बना रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं।
आज 20 अप्रैल 2026 का पंचांग (तिथि, वार एवं पक्ष)
- तिथि: वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया सुबह 07:27 बजे तक, इसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: सोमवार
नक्षत्र, योग एवं करण
- नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र सुबह 02:08 बजे तक, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र
- योग: सौभाग्य योग शाम 04:11 बजे तक
- करण:
- गर करण सुबह 07:27 बजे तक
- वणिज करण शाम 05:49 बजे तक
विशेष शुभ योग
आज के दिन तीन अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं:
- सर्वार्थ सिद्धि योग
- अमृत सिद्धि योग
- रवि योग
ये योग किसी भी नए कार्य, निवेश, यात्रा या धार्मिक अनुष्ठान के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
सूर्य और चंद्रमा का समय
- सूर्योदय: सुबह 05:51 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:50 बजे
- चंद्रोदय: सुबह 07:44 बजे
- चंद्रास्त: रात 10:20 बजे
- चंद्रमा की स्थिति: मेष राशि में दोपहर 12:31 बजे तक संचरण
संवत एवं मास विवरण
- विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
- शक संवत: 1948 (पराभव)
- अमान्त एवं पूर्णिमांत माह: वैशाख
आज के व्रत-त्योहार
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है:
- मातंगी जयंती
- रोहिणी व्रत
- संकर्षण चतुर्थी कई स्थानों पर यह दिन अक्षय तृतीया के आसपास के पुण्य काल से भी जुड़ा हुआ माना जाता है।
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:54 से दोपहर 12:46 तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:23 से 05:07 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:22 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:48 से 07:11 तक
- अमृत काल: रात 11:16 से अगले दिन सुबह 12:42 तक
अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 07:28 से 09:05 तक
- यमगण्ड: सुबह 10:43 से 12:20 तक
- गुलिक काल: दोपहर 01:58 से 03:35 तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:46 से 01:38 तक
आज का दिन धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत-पूजा, दान-पुण्य और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत अनुकूल है। शुभ योगों की उपस्थिति इसे और भी फलदायी बनाती है। हालांकि, राहुकाल और अन्य अशुभ समय से बचते हुए ही महत्वपूर्ण कार्य करना अधिक हितकारी रहेगा।
