#Aaj ka panchang: रामनवमी का पावन पर्व: आस्था, शुभ मुहूर्त और पंचांग का संपूर्ण मार्गदर्शन

27 मार्च 2026, शुक्रवार का दिन भारतीय संस्कृति और आस्था के दृष्टिकोण से अत्यंत विशेष है। आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव, रामनवमी पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी के साथ चैत्र नवरात्रि का समापन भी मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ होता है। ऐसे शुभ अवसर पर पंचांग का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह हमें पूजा-पाठ, हवन और शुभ कार्यों के लिए सटीक समय की जानकारी देता है।

आज का पंचांग (27 मार्च 2026)

आज शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10:06 बजे तक रहेगी, इसके पश्चात दशमी तिथि का आरंभ होगा। पुनर्वसु नक्षत्र दोपहर 03:24 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद पुष्य नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग के अनुसार अतिगण्ड योग रात 10:10 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात सुकर्मा योग का प्रभाव शुरू होगा। करण में कौलव करण सुबह 10:06 बजे तक, उसके बाद तैतिल करण रात 09:23 बजे तक और फिर गर करण प्रारंभ होगा। सूर्योदय, चन्द्रोदय एवं काल गणना

सूर्य का उदय सुबह 06:17 बजे और सूर्यास्त शाम 06:36 बजे होगा। चंद्रमा का उदय दोपहर 01:06 बजे तथा चन्द्रास्त 28 मार्च को सुबह 03:16 बजे होगा।
दिनमान 12 घंटे 18 मिनट 56 सेकंड और रात्रिमान 11 घंटे 39 मिनट 53 सेकंड रहेगा।

 राशि, नक्षत्र एवं ग्रह स्थिति

चंद्रमा सुबह 09:36 बजे तक मिथुन राशि में रहेंगे, इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। पुनर्वसु नक्षत्र का तृतीय चरण सुबह 09:36 बजे तक और चतुर्थ चरण दोपहर 03:24 बजे तक रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र आरंभ होगा। सूर्य मीन राशि में स्थित रहेंगे और उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में रहेंगे।  

संवत एवं मास

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948 (पराभव)। चंद्र मास चैत्र (पूर्णिमांत एवं अमांत) रहेगा। वसंत ऋतु और उत्तरायण का प्रभाव जारी है।

 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:44 से 05:30 तक
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:02 से 12:51 तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:19 तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:35 से 06:58 तक
  • अमृत काल: दोपहर 01:05 से 02:38 तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:17 से दोपहर 03:24 तक
  • रवि योग: पूरे दिन

अशुभ समय

  • राहुकाल: सुबह 10:54 से 12:27 तक
  • यमगण्ड: दोपहर 03:31 से 05:04 तक
  • गुलिक काल: सुबह 07:50 से 09:22 तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 08:45 से 09:34 तक एवं दोपहर 12:51 से 01:41 तक
  • वर्ज्य: रात 11:12 से 12:46 (28 मार्च) तक

दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा। चन्द्र वास सुबह तक पश्चिम में, फिर उत्तर दिशा में माना जाएगा। राहु का वास दक्षिण-पूर्व दिशा में रहेगा। 

पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना जाता है। आज का दिन न केवल भगवान श्रीराम की आराधना के लिए, बल्कि नए कार्यों की शुरुआत और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी अत्यंत शुभ है। सही समय का चयन कर श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

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