वसंत ऋतु की सुगंध और आस्था के रंगों से सजा आज का दिन विशेष महत्व लेकर आया है। चैत्र शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि, कन्या पूजन और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव ‘राम नवमी’ का पावन संगम इसे और भी दिव्य बना रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी आज का दिन अत्यंत शुभ है, क्योंकि शोभन योग जैसे मांगलिक संयोग कार्यों में सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। ऐसे में धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर नए कार्यों की शुरुआत तक, हर दृष्टि से यह दिन खास है।
चैत्र शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि आज दोपहर 02 बजकर 15 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि आरम्भ हो जाएगी। इसी के साथ अष्टमी के अवसर पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है, जबकि नवमी तिथि में ‘श्री राम नवमी’ का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। भगवान श्रीराम की पूजा के लिए सुबह 11:13 बजे से दोपहर 01:41 बजे तक का मध्याह्न मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है, जब भक्तजन विधिपूर्वक आराधना कर सकते हैं।
आज का दिन गुरुवार है। विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 के अनुसार यह समय उत्तरायण और वसंत ऋतु के अंतर्गत आता है। सूर्योदय प्रातः 05:47 बजे और सूर्यास्त सायं 06:03 बजे होगा, जो दिन को संतुलित ऊर्जा प्रदान करता है।
नक्षत्र की बात करें तो आज आर्द्रा नक्षत्र सायं 06:31 बजे तक रहेगा, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरम्भ होगा। वहीं शोभन योग रात 02:41 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद अतिगंड योग लगेगा। करण में वव और उसके बाद वालव का क्रम रहेगा। इन ग्रह-नक्षत्रों का संयोग जीवन में संतुलन और कार्यों में गति प्रदान करने वाला माना जाता है।
विशेष रूप से आज सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का भी निर्माण हो रहा है, जो 04:19 बजे सायं से अगले दिन 27 मार्च की सुबह 06:17 बजे तक रहेगा। यह समय किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
दिन के चौघड़िया के अनुसार सुबह 05:47 से 07:19 तक शुभ समय है, जबकि 11:53 से 01:25 तक लाभ और 01:25 से 02:56 तक अमृत काल सर्वश्रेष्ठ रहेगा। वहीं दोपहर 02:56 से 04:27 तक काल का समय अशुभ माना गया है, इसलिए इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यों से बचना उचित रहेगा।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:29 से 12:16 तक और विजय मुहूर्त 01:54 से 02:41 तक रहेगा। ये समय किसी भी नए कार्य, निवेश या यात्रा के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 01:25 से 02:56 तक रहेगा, जबकि यमगण्ड सुबह 05:47 से 07:19 तक और गुलिक काल 08:50 से 10:22 तक प्रभावी रहेगा। इन समयों में सावधानी बरतना आवश्यक है। आज दक्षिण दिशा में दिशाशूल है, इसलिए यदि यात्रा अनिवार्य हो तो दही या जीरा खाकर निकलना शुभ माना गया है।
भद्रा काल का समापन आज रात्रि 12:47 बजे हो चुका है, जिससे दिन के अधिकांश समय शुभ कार्यों के लिए अनुकूल स्थिति बनी हुई है।
कुल मिलाकर, 26 मार्च 2026 का यह दिन धार्मिक, ज्योतिषीय और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राम नवमी के पावन अवसर पर भक्ति, संयम और सकारात्मकता के साथ दिन की शुरुआत करें, ताकि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो सके।
