आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि आज सायं 5 बजकर 07 मिनट तक रहेगी, इसके पश्चात कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि रंगों का महापर्व होली इसी पूर्णिमा पर मनाया जा रहा है। साथ ही आज चंद्रग्रहण का भी संयोग है, जिससे धार्मिक दृष्टि से दिन और भी महत्वपूर्ण हो गया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेंगे तथा दिनभर शुभ-अशुभ योगों का विशेष प्रभाव रहेगा।
तिथि एवं पक्ष
- शुक्ल पक्ष पूर्णिमा – 02 मार्च सायं 05:55 बजे से 03 मार्च सायं 05:07 बजे तक
- कृष्ण पक्ष प्रतिपदा – 03 मार्च सायं 05:07 बजे से 04 मार्च सायं 04:49 बजे तक।
पूर्णिमा तिथि सायंकाल 5:07 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ होगी।
नक्षत्र
- मघा नक्षत्र – 02 मार्च प्रातः 07:51 बजे से 03 मार्च प्रातः 07:31 बजे तक
- पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र – 03 मार्च प्रातः 07:31 बजे से 04 मार्च प्रातः 07:38 बजे तक
योग
- सुकर्मा योग – 02 मार्च दोपहर 12:18 बजे से 03 मार्च प्रातः 10:24 बजे तक
- धृति योग – 03 मार्च प्रातः 10:24 बजे से 04 मार्च प्रातः 08:52 बजे तक
करण
- बव करण – 03 मार्च प्रातः 05:28 बजे से सायं 05:07 बजे तक
- बालव करण – 03 मार्च सायं 05:07 बजे से 04 मार्च प्रातः 04:54 बजे तक
- कौलव करण – 04 मार्च प्रातः 04:54 बजे से सायं 04:49 बजे तक
चंद्रग्रहण विशेष
आज चंद्रग्रहण दोपहर 03:20 बजे से सायं 06:47 बजे तक रहेगा। ग्रहण से लगभग 9 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल में शुभ एवं मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण काल में मंत्र जाप, ध्यान और दान करना पुण्यदायी होता है।
सूर्य और चंद्र स्थिति
- सूर्य: कुंभ राशि में स्थित
- चंद्रमा: सिंह राशि में (दिन-रात संचार)
सूर्योदय व सूर्यास्त
- सूर्योदय – प्रातः 06:48 बजे
- सूर्यास्त – सायं 06:17 बजे
- चन्द्रोदय – 03 मार्च सायं 06:21 बजे
- चन्द्रास्त – 04 मार्च प्रातः 07:03 बजे
वार
- मंगलवार
आज के पर्व एवं व्रत
- होली
- चैतन्य महाप्रभु जयंती
- होलाष्टक समाप्त
- सत्य व्रत
- पूर्णिमा व्रत
संवत विवरण
- विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
- शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
- पूर्णिमांत – फाल्गुन
- अमांत – फाल्गुन
अशुभ काल
- राहुकाल – दोपहर 03:25 बजे से 04:51 बजे तक
- यमगण्ड – प्रातः 09:40 बजे से 11:06 बजे तक
- कुलिक – दोपहर 12:32 बजे से 01:59 बजे तक
- दुर्मुहूर्त – प्रातः 09:06 बजे से 09:52 बजे तक, रात्रि 11:17 बजे से 12:07 बजे तक
- वर्ज्यम् – दोपहर 03:33 बजे से सायं 05:09 बजे तक
शुभ काल
- अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:10 बजे से 12:55 बजे तक
- अमृत काल – रात्रि 01:12 बजे से 02:49 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 05:10 बजे से 05:58 बजे तक
विशेष संकेत
- दिशा शूल – उत्तर दिशा में
- अग्निवास – पृथ्वी पर
- चन्द्र वास – पूर्व दिशा में
- राहु वास – पश्चिम दिशा में
- शिववास – सायं 05:07 बजे तक श्मशान में, इसके बाद गौरी के साथ
आज फाल्गुन पूर्णिमा पर होली का उल्लास जहां पूरे देश में रंग बिखेर रहा है, वहीं चंद्रग्रहण का योग आध्यात्मिक दृष्टि से दिन को और भी महत्वपूर्ण बना रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार ग्रहण काल में सावधानी और धार्मिक आचरण का पालन करना श्रेष्ठ माना गया है। पूर्णिमा व्रत एवं सत्य व्रत रखने वाले श्रद्धालु विशेष पूजन-अर्चन कर सकते हैं।
रंगों और आस्था के इस पावन पर्व पर सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनाएं।
