भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, व्यापार या मांगलिक आयोजन से पूर्व तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त का विचार करना शुभ माना जाता है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है, जो पितरों के स्मरण, दान-पुण्य, स्नान तथा धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। अमावस्या के उपरांत शुक्ल पक्ष का आरंभ होगा, जिससे नए चंद्र मास की शुरुआत मानी जाएगी। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग।
आज का पंचांग
- तिथि : अमावस्या तिथि प्रातः 08 बजकर 23 मिनट तक, तत्पश्चात शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ।
- नक्षत्र : मृगशिरा नक्षत्र सायं 07 बजकर 08 मिनट तक, उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र प्रारंभ।
- योग : शूल योग प्रातः 08 बजकर 56 मिनट तक, इसके पश्चात गण्ड योग।
- पक्ष : कृष्ण पक्ष से शुक्ल पक्ष का आरंभ।
- मास : ज्येष्ठ मास।
सूर्य एवं चंद्रमा संबंधी जानकारी
- सूर्योदय : प्रातः 05 बजकर 23 मिनट
- सूर्यास्त : सायं 07 बजकर 20 मिनट
- चंद्रोदय : आज चंद्रोदय नहीं है।
- चंद्रास्त : सायं 07 बजकर 53 मिनट
आज का व्रत एवं पर्व - ज्येष्ठ अमावस्या
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान, पितरों का तर्पण, दान-पुण्य तथा पीपल वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का विशेष फल प्राप्त होता है।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक।
अमृत काल: दोपहर 11 बजकर 28 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03 बजकर 52 मिनट से 04 बजकर 38 मिनट तक।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक
- यमगंड : प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
- गुलिक काल : दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
