आज का पंचांग: 10 मार्च 2026 (मंगलवार)

भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल तिथि-नक्षत्र का विवरण भर नहीं होता, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन, शुभ-अशुभ समय और धार्मिक अनुष्ठानों की दिशा तय करने वाला प्राचीन ज्योतिषीय मार्गदर्शक है। पंचांग के आधार पर ही लोग अपने महत्वपूर्ण कार्य, पूजा-पाठ और यात्राओं का समय निर्धारित करते हैं। प्रस्तुत है 10 मार्च 2026, मंगलवार का विस्तृत पंचांग, जिसमें दिन के प्रमुख योग, शुभ-अशुभ समय और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति का विवरण दिया जा रहा है।

तिथि, नक्षत्र और योग : पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो 11 मार्च की रात्रि 01:54 बजे तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी।

नक्षत्र की बात करें तो अनुराधा नक्षत्र आज शाम 07:05 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा।

योग के अनुसार आज हर्षण योग सुबह 08:21 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात वज्र योग प्रभावी होगा।

करण के अनुसार विष्टि (भद्रा) करण दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। इसके बाद बव करण 11 मार्च की रात्रि 01:54 बजे तक रहेगा और फिर बालव करण का आरंभ होगा।

संवत और मास : आज का दिन विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) तथा शक संवत 1947 (विश्वावसु) में पड़ता है। चंद्र मास के अनुसार पूर्णिमांत परंपरा में चैत्र मास तथा अमान्त परंपरा में फाल्गुन मास चल रहा है।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति : सूर्योदय सुबह 06:37 बजे और सूर्यास्त शाम 06:26 बजे होगा।

चंद्रमा का उदय 11 मार्च को रात्रि 01:01 बजे तथा चन्द्रास्त सुबह 10:21 बजे होगा।

आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेंगे।

अनुराधा नक्षत्र का तृतीय चरण दोपहर 12:21 बजे तक तथा चतुर्थ चरण शाम 07:05 बजे तक रहेगा। इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रथम चरण 11 मार्च की रात्रि 01:49 बजे तक और उसके बाद द्वितीय चरण प्रारंभ होगा। सूर्य वर्तमान में कुंभ राशि में स्थित हैं और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के द्वितीय चरण में विराजमान हैं।

दिनमान और मध्याह्न : आज का दिनमान 11 घंटे 49 मिनट 39 सेकंड तथा रात्रिमान 12 घंटे 09 मिनट 13 सेकंड रहेगा।मध्याह्न काल दोपहर 12:32 बजे होगा।

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:59 बजे से 05:48 बजे तक।

प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:24 बजे से 06:37 बजे तक।

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:08 बजे से 12:55 बजे तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:17 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:24 बजे से 06:48 बजे तक।

सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:26 बजे से 07:39 बजे तक।

अमृत काल: सुबह 07:26 बजे से 09:13 बजे तक।

निशिता मुहूर्त: 11 मार्च की रात्रि 12:07 बजे से 12:55 बजे तक। आज रवि योग सुबह 06:37 बजे से शाम 07:05 बजे तक रहेगा, जिसे कई कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 03:29 बजे से 04:58 बजे तक।

यमगण्ड: सुबह 09:34 बजे से 11:03 बजे तक।

गुलिक काल: दोपहर 12:32 बजे से 02:00 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 08:59 बजे से 09:46 बजे तक तथा रात्रि 11:18 बजे से 12:07 बजे तक।

अन्य ज्योतिषीय संकेत :  भद्रा: सुबह 06:37 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक। वर्ज्य: 11 मार्च की रात्रि 01:22 बजे से 03:09 बजे तक। गण्ड मूल: शाम 07:05 बजे से 11 मार्च सुबह 06:36 बजे तक।

दिशा शूल आज उत्तर दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से पहले सावधानी बरतने या उपाय करने की सलाह दी जाती है। नक्षत्र शूल शाम 07:05 बजे के बाद पूर्व दिशा में प्रभावी रहेगा।

अन्य मान्यताओं के अनुसार अग्निवास 11 मार्च की रात्रि 01:54 बजे तक पाताल में रहेगा, इसके बाद पृथ्वी पर माना जाएगा। चन्द्र वास उत्तर दिशा में, राहु वास पश्चिम दिशा में रहेगा। भद्रावास दोपहर 12:40 बजे तक स्वर्ग में रहेगा।

शिववास 11 मार्च की रात्रि 01:54 बजे तक श्मशान में माना जाएगा, उसके बाद गौरी के साथ स्थित माना जाएगा।

पंचांग के ये संकेत दिनभर के कार्यों की योजना बनाने में सहायक होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में आरंभ किए गए कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम की संभावना अधिक मानी जाती है।

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