आज का पंचांग : 04 मार्च 2026, दिन बुधवार,चैत्र मास के कृष्ण पक्ष का शुभारंभ

वसंत ऋतु की मादक बयार और रंगोत्सव की उमंग के बीच आज से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष का शुभारंभ हो चुका है। होली और धुलंडी जैसे उल्लासपूर्ण पर्व के साथ आज का दिन धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। गृहस्थ जीवन, यात्रा, पूजन तथा मांगलिक कार्यों के लिए पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। प्रस्तुत है 04 मार्च 2026, बुधवार का विस्तृत पंचांग:-

 संवत एवं काल विवरण

  • विक्रम संवत – 2083
  • शक संवत – 1947
  • मास – चैत्र
  • पक्ष – कृष्ण पक्ष
  • तिथि – कृष्ण प्रतिपदा सायं 04:48 बजे तक, तत्पश्चात द्वितीया तिथि आरंभ
  • वार – बुधवार

 सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय – प्रातः 06:09 बजे
  • सूर्यास्त – सायं 05:52 बजे
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – वसंत

 नक्षत्र, योग एवं करण

  • नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी प्रातः 07:12 बजे तक, उसके बाद उत्तराफाल्गुनी
  • योग – धृति प्रातः 08:50 बजे तक, उसके बाद शूल योग
  • करण – कौलव सायं 04:48 बजे तक, तत्पश्चात तैतिल
    • तैतिल प्रातः 04:51 बजे (05 मार्च) तक, फिर गर करण

 आज के प्रमुख पर्व

  • होली
  • धुलंडी
  • गणगौर व्रत प्रारंभ

आज रंगों का पर्व समाज में प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश देता है। धुलंडी के अवसर पर लोग आपसी मतभेद भुलाकर रंगों में सराबोर होते हैं, वहीं गणगौर व्रत का आरंभ विशेषकर महिलाओं के लिए शुभ माना गया है।

 ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)

  • सूर्य – (कुंभ राशि) में स्थित
  • चंद्रमा – दोपहर 01:45 बजे तक (सिंह राशि), तत्पश्चात (कन्या राशि) में संचार। दोपहर 01:23 बजे चंद्रमा का कन्या राशि में गोचर होगा, जिससे बुद्धि, योजना और विश्लेषण क्षमता में वृद्धि देखी जा सकती है।

 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04:53 से 05:40 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त – आज उपलब्ध नहीं
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02:00 से 02:47 बजे तक

 अशुभ समय

  • राहुकाल – दोपहर 12:00 से 01:28 बजे तक
  • यमगण्ड – प्रातः 07:37 से 09:05 बजे तक
  • गुलिक काल – प्रातः 10:33 से 12:00 बजे तक

दिन का चौघड़िया

  • लाभ – उन्नति: 06:43 से 08:11 प्रातः
  • अमृत – सर्वोत्तम: 08:11 से 09:38 प्रातः
  • शुभ – उत्तम: 11:06 से 12:33 दोपहर
  • लाभ – उन्नति: 04:55 से 06:23 सायं

रात्रि का चौघड़िया

  • शुभ – उत्तम: 07:55 से 09:28 रात्रि
  • अमृत – सर्वोत्तम: 09:28 से 11:00 रात्रि
  • लाभ – उन्नति: 03:37 से 05:10 प्रातः (05 मार्च)

 दिशाशूल

  • उत्तर दिशा में यदि उत्तर दिशा की यात्रा आवश्यक हो तो तिल या धनिया खाकर प्रस्थान करना शुभ माना गया है।

वसंत ऋतु के उल्लास और होली के उत्सव के साथ आज का दिन आध्यात्मिक उर्जा से परिपूर्ण है। यद्यपि कुछ समय अशुभ हैं, किन्तु शुभ चौघड़िया और विजय मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता प्रदान कर सकते हैं। रंगों के इस पावन अवसर पर संयम, सौहार्द और सकारात्मकता बनाए रखना ही वास्तविक उत्सव की पहचान है।

सभी पाठकों को होली एवं धुलंडी की हार्दिक शुभकामनाएं।

Post a Comment

Previous Post Next Post