धर्म, ज्योतिष और परंपरा का संगम भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल तिथि और वार का उल्लेख नहीं, बल्कि दैनिक जीवन को दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक है। 5 मार्च 2026, गुरुवार का दिन चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि के साथ प्रारंभ हो रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति आज के दिन को साधना, संयम और सूझबूझ से कार्य करने के लिए प्रेरित कर रही है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
तिथि एवं पक्ष
- मास – पूर्णिमांत: चैत्र | अमांत: फाल्गुन
- पक्ष – कृष्ण पक्ष
- तिथि – द्वितीया तिथि शाम 05:03 बजे तक, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ
संवत विवरण
- विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
- शक संवत – 1947, विश्वावसु
नक्षत्र, योग और करण
- नक्षत्र – उत्तर फाल्गुनी सुबह 08:17 बजे तक, इसके बाद हस्त नक्षत्र प्रारंभ
- योग – शूल योग सुबह 07:45 बजे तक, इसके पश्चात गण्ड योग प्रभावी
- करण
- गर – सुबह 04:52 से शाम 05:04 बजे तक
- वणिज – शाम 05:04 बजे से 6 मार्च सुबह 05:24 बजे तक
सूर्य एवं चंद्रमा की स्थिति
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सूर्योदय – सुबह 06:48 बजे
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सूर्यास्त – शाम 06:27 बजे
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चंद्रोदय – रात्रि 08:20 बजे
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चंद्रास्त – 6 मार्च रात्रि 08:11 बजे
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सूर्य राशि – कुंभ
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चंद्र राशि – कन्या
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:15 बजे से 01:01 बजे तक
- अमृत काल – रात्रि 02:22 बजे से 04:03 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05:12 बजे से 05:59 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल – दोपहर 02:05 बजे से 03:33 बजे तक
- यमगण्ड – सुबह 06:48 बजे से 08:16 बजे तक
- कुलिक काल – सुबह 09:43 बजे से 11:11 बजे तक
- दुर्मुहूर्त –
- सुबह 10:41 बजे से 11:28 बजे तक
- दोपहर 03:21 बजे से 04:07 बजे तक
- वर्ज्यम् – शाम 05:06 बजे से 06:47 बजे तक
चौघड़िया (दिन)
- शुभ – 06:48 से 08:16
- रोग – 08:16 से 09:43
- उद्बेग – 09:43 से 11:11
- चर – 11:11 से 12:38
- लाभ – 12:38 से 02:05
- अमृत – 02:05 से 03:33
- काल – 03:33 से 05:00
- शुभ – 05:00 से 06:27
चौघड़िया (रात्रि)
- अमृत – 06:27 से 08:00
- चर – 08:00 से 09:32
- रोग – 09:32 से 11:05
- काल – 11:05 से 12:37
- लाभ – 12:37 से 02:10
- उद्बेग – 02:10 से 03:42
- शुभ – 03:42 से 05:15
- अमृत – 05:15 से 06:48
विशेष संकेत
- दिशा शूल – दक्षिण दिशा में
- शिववास – शाम 05:03 बजे तक सभा में, इसके बाद क्रीड़ा में।
आज का संदेश
गुरुवार का दिन धर्म और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। आज शूल और गण्ड योग के प्रभाव से कार्यों में थोड़ी सावधानी आवश्यक है। महत्वपूर्ण निर्णय अभिजीत मुहूर्त या लाभ-चौघड़िया में लेना हितकर रहेगा। दक्षिण दिशा की यात्रा टालना श्रेयस्कर होगा। धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ, जप-तप और आत्ममंथन के लिए दिन अनुकूल है। संयमित वाणी और धैर्यपूर्ण व्यवहार से दिन शुभ फलदायी सिद्ध हो सकता है।
(नोट: पंचांग के समय स्थान विशेष के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं।)
