आज का पंचांग: 01 मार्च 2026, रविवार, फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी पर रवि प्रदोष व्रत, तीन महाशुभ योगों का संयोग

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रविवार का यह दिन विशेष आध्यात्मिक महत्त्व लेकर आया है। आज रवि प्रदोष व्रत रखा जाएगा, जो भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी दिन खास है, क्योंकि एक साथ रवि योग, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, व्रत-उपवास, शुभ कार्यों की शुरुआत तथा नए संकल्पों के लिए यह दिन अत्यंत अनुकूल रहेगा।

 तिथि व वार

  • तिथि: फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी – सायं 07 बजकर 17 मिनट तक, तत्पश्चात चतुर्दशी
  • वार: रविवार
  • विक्रम संवत: 2082
  • शक संवत: 1947

 चंद्रमा व नक्षत्र

  • चंद्रमा: कर्क राशि में
  • नक्षत्र:
    • पुष्य – सुबह 08:34 बजे तक
    • इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र
      • प्रथम चरण: दोपहर 02:21 बजे तक
      • द्वितीय चरण: रात्रि 08:10 बजे तक
      • तृतीय चरण: 2 मार्च को रात्रि 02:00 बजे तक
      • चतुर्थ चरण: तत्पश्चात

 योग व करण

  • योग:

    • शोभन – दोपहर 02:19 बजे तक
    • इसके बाद अतिगण्ड
  • करण:

    • कौलव – प्रातः 07:54 बजे तक
    • तैतिल – सायं 07:09 बजे तक
    • गरज – 2 मार्च प्रातः 06:29 बजे तक

 सूर्योदय व सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:12 बजे
  • सूर्यास्त: सायं 05:51 बजे

 विशेष शुभ योग

  • रवि पुष्य योग: सुबह 06:46 बजे से 08:34 बजे तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:46 बजे से 08:34 बजे तक
  • रवि योग: सुबह 08:34 बजे से 2 मार्च सुबह 06:45 बजे तक

इन योगों में किए गए कार्यों में सफलता, समृद्धि और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

 दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:07 बजे से 05:57 बजे तक
  • प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:32 बजे से 06:46 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:57 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 बजे से 03:16 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:18 बजे से 06:43 बजे तक
  • सायाह्न सन्ध्या: सायं 06:21 बजे से 07:35 बजे तक
  • प्रदोष काल: सायं 06:21 बजे से रात्रि 08:50 बजे तक
  • अमृत काल: 2 मार्च सुबह 06:18 बजे से 07:51 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: 2 मार्च रात्रि 12:08 बजे से 12:58 बजे तक

 दिन का चौघड़िया (दिनकाल)

  • उद्वेग: 06:12 – 07:39 (अशुभ)
  • चर: 07:39 – 09:07 (सामान्य)
  • लाभ: 09:07 – 10:34 (उन्नति)
  • अमृत: 10:34 – 12:02 (सर्वोत्तम)
  • काल: 12:02 – 01:29 (हानि)
  • शुभ: 01:29 – 02:56 (उत्तम)
  • रोग: 02:56 – 04:24 (अशुभ)
  • उद्वेग: 04:24 – 05:51 (अशुभ)

 अशुभ समय

  • राहुकाल: सायं 04:54 बजे से 06:21 बजे तक
  • यमगण्ड: दोपहर 12:34 बजे से 02:00 बजे तक
  • गुलिक काल: दोपहर 03:27 बजे से 04:54 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सायं 04:48 बजे से 05:35 बजे तक
  • वर्ज्य: रात्रि 08:59 बजे से 10:32 बजे तक
  • विडाल योग: सुबह 08:34 बजे से 2 मार्च सुबह 06:45 बजे तक
  • गण्ड मूल: सुबह 08:34 बजे से 2 मार्च सुबह 06:45 बजे तक
  • बाण प्रभाव: 2 मार्च रात्रि 01:10 बजे से पूर्ण रात्रि तक रोग बाण प्रभावी

 दिशाशूल

  • पश्चिम दिशा में दिशाशूल।
    यदि यात्रा आवश्यक हो तो दलिया या घी का सेवन कर प्रस्थान करें।

 आज का विशेष महत्व

रविवार के दिन पड़ने वाली त्रयोदशी के कारण आज रवि प्रदोष व्रत का विशेष संयोग है। भगवान शिव की उपासना, रुद्राभिषेक, दीपदान एवं मंत्र जाप करने से समस्त कष्टों का निवारण और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
रवि पुष्य एवं सर्वार्थ सिद्धि योग में आरंभ किए गए कार्य दीर्घकाल तक लाभकारी सिद्ध होते हैं।

धर्म, ज्योतिष और अध्यात्म की दृष्टि से 01 मार्च 2026 का दिन साधना, संकल्प और सफलता का संदेश दे रहा है।

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