आबिद हुसैन , हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती बरतते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी में लिए गए नमूनों की जांच में E-कोलाई बैक्टीरिया मिलने से चार कंपनियों के लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिए गए, जबकि एक अन्य इकाई के खिलाफ केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया।विशेष अभियान में हुई छापेमारीधौलाना स्थित यूपीएसआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में 9-10 जनवरी को लखनऊ समेत विभिन्न जिलों से आई 18 अधिकारियों की संयुक्त टीम ने 12 इकाइयों पर छापेमारी की।
कुल 16 नमूने लिए गए, जिनमें से 5 लैब टेस्ट में फेल साबित हुए। आयुक्त द्वितीय सुनील सिंह के मुताबिक, ऐलिन (दो नमूने), सिग्नेचर, विरगो और टॉनिक ब्रांड्स के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन चार इकाइयों के लाइसेंस फौरन निरस्त हो गए।अन्य राज्यों तक फैला था नेटवर्कप्रारंभिक जांच से पता चला कि ये कंपनियां सिर्फ हापुड़ तक सीमित नहीं थीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी दूषित पानी की सप्लाई कर रही थीं। विभाग अब पूरी सप्लाई चेन की गहन जांच कर रहा है ताकि प्रभावित खेप का पता लगाया जा सके। स्वास्थ्य जोखिम: पेट संक्रमण से मौत तक का खतराविशेषज्ञों का कहना है कि E-कोलाई से दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त, पेट संक्रमण और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि केवल प्रमाणित ब्रांड्स का ही पानी खरीदें। जिले में अन्य इकाइयों पर भी जल्द व्यापक जांच होगी।
