आज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या आज विशेष आध्यात्मिक, धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आज अमावस्या तिथि के साथ भौमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है और इसी दिन वर्ष का पहला सूर्यग्रहण भी घटित हो रहा है। यद्यपि यह सूर्यग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, फिर भी पंचांग और धर्मशास्त्रों में इसका विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु आज स्नान, दान, जप और तप के माध्यम से पुण्य लाभ प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।
पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि सायं 05 बजकर 30 मिनट (कुछ गणनाओं के अनुसार 05 बजकर 34 मिनट) तक रहेगी। इसके उपरांत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज सूर्य और चंद्रमा दोनों कुंभ राशि में स्थित हैं। प्रातः 09 बजकर 05 मिनट तक चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे, तत्पश्चात कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। आज से अग्नि पंचक का आरंभ भी माना जा रहा है।
ग्रह-नक्षत्र और योग : आज चंद्रदेव धनिष्ठा नक्षत्र में सायं लगभग 08 बजकर 48 मिनट (कुछ गणनाओं में 09 बजकर 16 मिनट) तक विराजमान रहेंगे, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा। परिघ योग रात्रि 12 बजकर 29 मिनट तक प्रभावी रहेगा। करणों में किंस्तुघ्न प्रातः 05 बजकर 17 मिनट तक तथा नागव करण सायं 05 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।सूर्यग्रहण का विवरण: वर्ष का पहला सूर्यग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से सायं 07 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। यह एक दुर्लभ कंकणाकृति (रिंग ऑफ फायर) सूर्यग्रहण बताया जा रहा है, जिसमें चंद्रमा सूर्य के मध्य भाग को ढंक लेता है और किनारों पर अग्नि-वलय जैसा दृश्य दिखाई देता है। यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका क्षेत्र में दृष्टिगोचर होगा, भारत में इसका दृश्य प्रभाव नहीं रहेगा।
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 तक
- अमृत काल: प्रातः 10:39 से 12:17 तक
इन शुभ समयों में पूजा, जप, दान और नए कार्यों का शुभारंभ फलदायी माना गया है।
अशुभ काल
- राहुकाल: दोपहर 03:24 से 04:48 तक
- गुलिकाल: दोपहर 12:35 से 02:00 तक
- यमगण्ड: प्रातः 09:47 से 11:11 तक
राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नए शुभ कार्य आरंभ करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
सूर्योदय–सूर्यास्त
- सूर्योदय: प्रातः 06:58 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:13 बजे
- चंद्रास्त: सायं 06:10 बजे
- आज चंद्रोदय नहीं होगा।
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया:
- चर: 09:47 एएम – 11:11 एएम
- लाभ: 11:11 एएम – 12:35 पीएम
- अमृत: 12:35 पीएम – 02:00 पीएम
- शुभ: 03:24 पीएम – 04:48 पीएम
रात्रि का चौघड़िया
- शुभ: 02:10 एएम – 03:46 एएम
- अमृत: 03:46 एएम – 05:22 एएम
- चर: 05:22 एएम – 06:57 एएम
- लाभ: 11:59 पीएम – 12:34 एएम
अन्य ज्योतिषीय विवरण
- विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- पूर्णिमांत मास: फाल्गुन
- दिशा शूल: पूर्व
- सूर्य राशि: कुंभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण, दान-पुण्य, व्रत एवं ध्यान विशेष फलदायी होता है। भौमवती अमावस्या होने के कारण मंगलवार का प्रभाव और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। श्रद्धालु आज विशेष रूप से हनुमान जी और भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं।
इस प्रकार फाल्गुन मास की यह अमावस्या तिथि आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है।
