आबिद हुसैन, हापुड़। उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में सांप्रदायिक सौहार्द और इंसानियत की एक ऐसी खूबसूरत मिसाल सामने आई है, जो समाज को एकजुट होने का संदेश दे रही है। मुस्लिम समुदाय के युवकों ने एक हिंदू युवक का अंतिम संस्कार पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया।मृतक अर्जुन (उम्र लगभग 50 वर्ष) थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के कोठला सादात के निवासी थे। रेलवे ट्रैक पर ट्रेन हादसे में उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
यह घटना मोहल्ला कोटला सादात में घटी, जो मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। अर्जुन का परिवार पिछले 15 वर्षों से यहां का एकमात्र हिंदू परिवार था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और किसी अन्य पुरुष सदस्य के न होने के कारण पड़ोसी मुस्लिम भाइयों ने पूरी जिम्मेदारी संभाल ली।नसीम अहमद और उनके साथियों ने मोहल्ले वासियों से चंदा इकट्ठा कर कफन, लकड़ी और पूजा सामग्री का इंतजाम किया। मुस्लिम युवकों ने खुद अर्थी को कंधा दिया और "राम नाम सत्य है" के उद्घोष लगाते हुए श्मशान घाट तक ले गए। अंतिम संस्कार हिंदू परंपराओं के पूर्ण विधि-विधान से संपन्न हुआ।इस नेक काम ने पूरे इलाके में सकारात्मक संदेश फैला दिया। नसीम अहमद ने कहा, "इंसानियत धर्म से ऊपर है। अर्जुन हमारे भाई थे, उनकी विदाई हमारा फर्ज था।" स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाएं समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करती हैं।
