आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के साथ सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। चंद्रमा की राशि परिवर्तन, ब्रह्म योग और रवि योग जैसे शुभ संयोग आज के दिन को आध्यात्मिक साधना, व्रत-उपवास और मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल बना रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज का दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत के लिए मिश्रित किंतु महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है।
तिथि एवं नक्षत्र
विभिन्न पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
- शुक्ल पक्ष षष्ठी: सुबह 11:10 बजे से 23 फरवरी सुबह 9:09 बजे तक
- शुक्ल पक्ष सप्तमी: 23 फरवरी सुबह 9:09 बजे से 24 फरवरी सुबह 7:02 बजे तक
आज भरणी नक्षत्र शाम 4:33 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र प्रारंभ होगा।
- भरणी: 22 फरवरी शाम 5:54 बजे से 23 फरवरी शाम 4:33 बजे तक
- कृत्तिका: 23 फरवरी शाम 4:33 बजे से 24 फरवरी दोपहर 3:07 बजे तक
योग की दृष्टि से ब्रह्म योग सुबह 10:19 बजे तक रहेगा, उसके बाद इन्द्र योग प्रभावी होगा।
ग्रहों की स्थिति
चंद्रमा रात 10:12 बजे तक मेष राशि में रहेंगे, तत्पश्चात वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य कुंभ राशि में विराजमान हैं तथा उनका नक्षत्र शतभिषा है। चंद्र नक्षत्र पहले भरणी और बाद में कृत्तिका रहेगा।
ऋतु, अयन एवं काल
द्रिक गणना के अनुसार वसंत ऋतु का प्रभाव है, जबकि वैदिक गणना से शिशिर ऋतु मानी जाएगी। उत्तरायण जारी है।
- दिनमान: 11 घंटे 24 मिनट 23 सेकंड
- रात्रिमान: 12 घंटे 34 मिनट 38 सेकंड
- मध्याह्न काल: दोपहर 12:35 बजे
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:56 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:12 बजे
- चंद्रोदय: 23 फरवरी सुबह 10:11 बजे
- चंद्रास्त: 24 फरवरी रात 12:30 बजे
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:12 बजे से 6:02 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:37 बजे से 6:52 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से 12:57 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:29 बजे से 3:14 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:14 बजे से 6:40 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 6:17 बजे से 7:32 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 12:01 बजे से 1:32 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 24 फरवरी रात 12:09 बजे से 12:59 बजे तक
- रवि योग: सुबह 6:52 बजे से शाम 4:33 बजे तक
अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 8:18 बजे से 9:44 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 11:09 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 2:00 बजे से 3:26 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:57 बजे से 1:43 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 3:14 बजे से 4:00 बजे तक तथा 24 फरवरी सुबह 3:50 बजे से 5:20 बजे तक
अन्य ज्योतिषीय संकेत
दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा। चंद्र वास रात 10:12 बजे तक पूर्व दिशा में और उसके बाद दक्षिण दिशा में माना जाएगा। अग्निवास सुबह 9:09 बजे तक आकाश में, फिर पाताल में रहेगा। शिववास सुबह 9:09 बजे तक नंदी पर और बाद में भोजन में माना जाएगा।
करण क्रम में तैतिल, गर और वणिज करण रहेंगे। विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु) तथा पूर्णिमांत फाल्गुन मास का प्रभाव है।
क्या करें, क्या न करें
आज ब्रह्म योग और रवि योग के कारण धार्मिक अनुष्ठान, जप-तप, दान और शिक्षा संबंधी कार्यों के लिए समय अनुकूल है। हालांकि राहुकाल और यमगण्ड में शुभ कार्यों से परहेज करना उचित रहेगा। दिशा शूल के कारण पूर्व दिशा की यात्रा टालना हितकारी माना गया है।
धार्मिक मान्यता है कि शुक्ल पक्ष की सप्तमी से सूर्य उपासना विशेष फलदायी होती है। ऐसे में श्रद्धालु सूर्य देव को अर्घ्य देकर आरोग्य और सफलता की कामना कर सकते हैं।
नोट: स्थानीय समयानुसार पंचांग में कुछ अंतर संभव है।
