कालांवाली (सुरेश जोरासिया)। कांग्रेसी वर्करों द्वारा राहुल गांधी के इशारे पर AI SUMMIT जैसे गंभीर और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मंच पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने की कोशिश अति दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक और निंदनीय है यह घटना कांग्रेस पार्टी की गिरती हुई राजनीतिक सोच और मर्यादाहीन कार्यशैली को उजागर करती है। जब पूरा देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और तकनीकी प्रगति के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जुटा है, तब कांग्रेस पार्टी ऐसे मंचों को भी सस्ती राजनीति और अशोभनीय प्रदर्शन का अड्डा बनाने पर तुली हुई है। यह न केवल देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का भी अपमान है।
कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस तरह के अश्लील और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य उसकी आधिकारिक रणनीति का हिस्सा हैं। राहुल गांधी द्वारा ऐसे कृत्यों को मौन समर्थन देना उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता और गैर-जिम्मेदार रवैये को दर्शाता है।
देश की जनता अब ऐसे हथकंडों को भली-भांति पहचान चुकी है और समय आने पर कांग्रेस को इसका करारा जवाब देगी। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन उसकी भी एक गरिमा और मर्यादा होती है, जिसे कांग्रेस बार-बार लांघने का काम कर रही है।
जारीकर्ता: महेश कुमार आजाद ( मंडल महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी)
