फाल्गुन माह की सुगंधित बयार और शिशिर ऋतु की हल्की ठंडक के बीच आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष मानी जाती है। उत्तरायण काल में सूर्य देव की प्रखरता बढ़ती है और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित होता है। प्रस्तुत है आज का विस्तृत पंचांग :-
तिथि एवं संवत
- तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रात 08 बजकर 43 मिनट तक, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ।
- विक्रम संवत: 2082
- शक संवत: 1947
- अयन: उत्तरायण
- ऋतु: शिशिर
सूर्य एवं चंद्र स्थिति
- सूर्योदय: सुबह 06:12 बजे
- सूर्यास्त: सायं काल 05:52 बजे
- चंद्र राशि: कर्क
- सूर्य राशि: कुंभ
नक्षत्र, योग एवं करण
- नक्षत्र: पुनर्वसु सुबह 09:06 बजे तक, उसके बाद पुष्य
- योग: सौभाग्य योग सायं काल 04:50 बजे तक, तत्पश्चात शोभन योग
- करण: बव सुबह 06:43 बजे तक, उसके बाद बालव
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:07 बजे से 05:57 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:56 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं काल 06:17 बजे से 06:42 बजे तक
- त्रिपुष्कर योग: सुबह 09:34 बजे तक
- सर्वार्थसिद्धि योग: सुबह 06:53 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 02:00 बजे से सायं काल 03:27 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 06:47 बजे से 08:14 बजे तक
- दुर्मुहूर्त:
- सुबह 06:47 बजे से 07:33 बजे तक
- सुबह 07:33 बजे से 08:19 बजे तक
दिन का चौघड़िया
- शुभ: सुबह 08:14 बजे से 09:40 बजे तक
- चर: दोपहर 12:33 बजे से 02:00 बजे तक
- लाभ: दोपहर 02:00 बजे से सायं काल 03:27 बजे तक
- अमृत: सायं काल 03:27 बजे से 04:53 बजे तक
रात का चौघड़िया
- शुभ: रात्रि 09:26 बजे से 11:00 बजे तक
- अमृत: रात्रि 11:00 बजे से 12:33 बजे तक (01 मार्च)
- चर: रात्रि 12:33 बजे से 02:06 बजे तक (01 मार्च)
- लाभ: प्रातः 05:13 बजे से 06:46 बजे तक (01 मार्च)
दिशा शूल
- दिशा शूल: पूर्व दिशा
पूर्व दिशा की यात्रा से बचना शुभ रहेगा।
द्वादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना और पुण्य कार्यों के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है। आज के शुभ मुहूर्तों में पूजा-पाठ, दान-पुण्य और नए कार्यों का शुभारंभ विशेष फलदायी रहेगा।ईश्वर से प्रार्थना है कि आपका दिन मंगलमय और सफल रहे।
नोट: यह पंचांग वैदिक गणनाओं पर आधारित है। स्थान विशेष के अनुसार समय में आंशिक परिवर्तन संभव है।
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