फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पावन एकादशी तिथि के साथ आज शुक्रवार का शुभ संयोग बना है। धर्म और आस्था के दृष्टिकोण से यह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है, किंतु इस बार एकादशी पर भद्रा का प्रभाव भी पड़ रहा है, जिससे मांगलिक कार्यों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। भगवान विष्णु की उपासना, व्रत-पूजन और दान-पुण्य के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालु प्रातःकाल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेकर पूजा-अर्चना करेंगे।
पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि रात्रि 10:32 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। सूर्योदय कालीन ग्रह स्थिति के अनुसार सूर्य कुंभ राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा मिथुन राशि में गोचर करते हुए आगामी प्रातः 03:52 बजे (28 फरवरी) कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
पंचांग विवरण
- विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
- शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
- मास – फाल्गुन (पूर्णिमांत एवं अमांत)
- पक्ष – शुक्ल पक्ष
- वार – शुक्रवार
- तिथि – एकादशी (रात्रि 10:32 बजे तक), तत्पश्चात द्वादशी
- नक्षत्र – आर्द्रा (प्रातः 10:48 बजे तक), फिर पुनर्वसु
- सूर्योदय – 06:13 AM
- सूर्यास्त – 05:51 PM
- अयन – उत्तरायण
- ऋतु – शिशिर
- सूर्य राशि – कुंभ
- चंद्र राशि – मिथुन (28 फरवरी प्रातः 03:52 बजे तक), फिर कर्क
- दिशाशूल – पश्चिम (यात्रा से पूर्व मीठा दही ग्रहण करना शुभ)
आमलकी एकादशी का महत्व
फाल्गुन शुक्ल पक्ष की यह एकादशी के रूप में मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन आंवले के वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु का पूजन करने से समस्त पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
व्रत एवं पूजा का समय
- तिथि प्रारंभ – 26 फरवरी 2026, रात्रि 12:06 बजे
- तिथि समाप्त – 27 फरवरी 2026, रात्रि 09:48 बजे
- पूजा का शुभ समय – 27 फरवरी 2026, प्रातः 06:15 बजे से 09:09 बजे तक
- व्रत पारण का समय – 28 फरवरी 2026, प्रातः 07:41 बजे से 09:08 बजे तक
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त – 11:39 AM से 12:24 PM
- विजय मुहूर्त – 02:05 PM से 02:50 PM
- ब्रह्म मुहूर्त – 04:41 AM से 05:27 AM
अशुभ समय
- राहुकाल – 10:33 AM से 12:00 PM
- यमगण्ड – 02:54 PM से 04:21 PM
- गुलिक काल – 07:40 AM से 09:07 AM
दिन का चौघड़िया
- चर – 06:48 AM से 08:14 AM
- लाभ – 08:14 AM से 09:41 AM
- अमृत – 09:41 AM से 11:07 AM
- शुभ – 12:34 PM से 02:00 PM
रात्रि चौघड़िया (28 फरवरी)
- शुभ – 12:33 AM से 02:07 AM
- अमृत – 02:07 AM से 03:40 AM
- चर – 03:40 AM से 05:14 AM
- लाभ – 09:26 PM से 11:00 PM
धार्मिक संदेश
एकादशी का व्रत आत्मसंयम, साधना और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। आमलकी एकादशी पर व्रत रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर नियमों का पालन करें तथा भद्रा के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मांगलिक कार्यों से बचें। धर्म, आस्था और ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज का दिन साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत अनुकूल माना गया है।
नोट: यह पंचांग वैदिक गणनाओं पर आधारित है। स्थान विशेष के अनुसार समय में आंशिक परिवर्तन संभव है।
