सिरसा कालांवाली (हरविन्द्र सिंह गिल)। आस्था का केंद्र गांव चोरमार खेड़ा में स्थित गुरुद्वारा चोरमार साहिब में माघी जोर मेले के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार संत बाबा गुरपाल सिंह ने पहुंचे श्रद्धालुओं सहित गणमान्य लोगों का यहाँ पधारने पर धन्यवाद किया । उन्होंने कहा कि हमें एक साथ आकर जोर मेला मनाकर शहीदों के नक्शे कदम पर चलने का प्रण लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 40 मुक्तों की याद में हम माघी जोर मेला मनाते हैं। इस दिन युवाओं को प्रण लेना चाहिए कि भाई महान सिंह की तरह हम भी अपने प्रण पढ़वाएंगे और गुरु से जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशा छोड़कर गुरु साहिब के माध्यम से जुड़ना चाहिए और समाज में सेवा करके अपना जीवन सफल बनाना चाहिए। इस मौके पर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से हज़ारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया और लंगर में भी सेवा की। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक दीवान लगाया गया, जिसमें गुरुद्वारा साहिब चोरमार के मैनेजमेंट में चलने वाले दशमेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल के स्टूडेंट्स ने शब्द कीर्तन और कविश्री कविताओं के ज़रिए संगत से बातचीत की। इस मौके पर दशमेश स्कूल के स्टाफ़ ने एक बुक एग्ज़िबिशन लगाई और सिख इतिहास से जुड़ी किताबें बांटी गईं। इस अवसर पर संत बाबा गुरपाल सिंह राजस्थान वाले, बाबा दर्शन सिंह बठान वाले, संत बाबा प्रीतम सिंह मलड़ी वाले, भाई अमृतपाल सिंह औढ़ां, बाबा बिंदर सिंह खालसा, बाबा जीत सिंह रुघुआना, जत्थेदार जगसीर सिंह मांगेआना , जत्थेदार जगसीर सिंह जंडवाला, कुलदीप सिंह फग्गू, बाबा जसविंदर सिंह बड़ागुढ़ा, जगतार सिंह , प्रकाश सिंह साहूवाला , बिंदर सिंह खालसा, बाबा निर्मल सिंह फग्गू, बाबा सुखपाल सिंह लकड़ावाली, बाबा कुलदीप सिंह साहूवाला, बाबा राजू सिंह राजपुरा, गुरजंट सिंह रोड़ी और कई अन्य सिख नेता और सिख प्रचारक इस विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए।
