आबिद हुसैन, हापुड़। दिल्ली रोड स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के आपसी मतभेदों और अनुशासनहीनता से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन और पूर्व धौलाना विधानसभा प्रत्याशी पंडित अरविंद शर्मा ने बताया कि जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष भरत लाल शर्मा और पूर्व उपाध्यक्ष विक्की शर्मा को अनुशासनहीनता के आधार पर कमेटी से निष्कासित कर दिया गया है।
यूजीसी विरोध और गांधी शहादत दिवस का विवादअरविंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह निष्कासन सिर्फ इसलिए नहीं हुआ कि दोनों पदाधिकारी यूजीसी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, बल्कि इस बात को लेकर है कि 30 जनवरी को नगर पालिका परिषद स्थित गांधी प्रतिमा पर होने वाले महात्मा गांधी जी के शहादत दिवस के कार्यक्रम में वे नहीं पहुंचे। पंडित शर्मा ने कहा कि यूजीसी के विरोध प्रदर्शन में शामिल रहने से लेकर गांधी जी के शहादत दिवस के कार्यक्रम को नजरअंदाज करने तक की यह घटनाक्रम कांग्रेस की गांधीवादी वैचारिक पहचान के खिलाफ जाने वाला कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस जो गांधीवादी और उनके सिद्धांतों पर चलने की पार्टी है, उसके निर्धारित कार्यक्रम में मौजूद रहना ही पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और अगर वे अपने समाज के समर्थन में यूजीसी विरोध प्रदर्शन में गए तो भी गांधी जी के शहादत दिवस के कार्यक्रम में न पहुंचना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।शहर अध्यक्ष और SC/ST प्रकोष्ठ से मतभेद का मुद्दाकांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने बताया कि 26 जनवरी से 25 फरवरी तक के दौरान न तो भरत लाल शर्मा और विक्की शर्मा पार्टी के किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल हुए और न ही अपने पद के अनुरूप जिला कांग्रेस कमेटी की गतिविधियों को देखा। त्यागी ने कहा कि दोनों पदाधिकारियों ने साफ किया कि वे शहर कांग्रेस अध्यक्ष इरफान अहमद, उनकी कमेटी के पदाधिकारियों और SC/ST कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश भाटी के साथ किसी भी कार्यक्रम में साझा नहीं होंगे। जब जिलाध्यक्ष ने बीच में इनके ना आने का कारण पूछा तो उन्होंने यह शर्त रखी कि “अगर पार्टी के कार्यक्रमों में शहर अध्यक्ष इरफान अहमद और SC/ST प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नरेश भाटी आते हैं तो वे कार्यक्रम में नहीं आएंगे”। इस उच्छृंखल व्यवहार को अनुशासनहीनता की श्रेणी में मानते हुए, राकेश त्यागी ने दोनों पदाधिकारियों के खिलाफ कमेटी से निष्कासन की कार्यवाही कर दी, हालांकि यह स्पष्ट किया गया कि यह निष्कासन सिर्फ कमेटी स्तर का है, न कि पार्टी से पूर्ण रूप से अलग करने का।इरफान अहमद: “मतभेद हों तो मिलकर शांति से सुलझाएं”शहर कांग्रेस अध्यक्ष इरफान अहमद ने कहा कि अगर जिला कोषाध्यक्ष भरतलाल शर्मा और उपाध्यक्ष विक्की शर्मा के उनसे कोई व्यक्तिगत मतभेद भी है तो वे सीधे आकर, फोन करके या बैठक के माध्यम से उन्हें शांति से सुलझा सकते थे। उन्होंने कहा कि “हम सब कांग्रेसी हैं और पार्टी की मजबूती के लिए संगठन के लिए काम कर रहे हैं; अगर किसी में नाराजगी है तो वह नाराजगी घर पर रखकर पार्टी में मतभेद क्यों उत्पन्न करे?”इरफान अहमद ने यह भी कहा कि कांग्रेस हर समाज की पार्टी है और अगर निष्कासित पदाधिकारी गण अपने निष्कासन का कारण यूजीसी को बनाकर अपनी सफाई पेश कर रहे हैं, तो यह उनकी व्यक्तिगत रणनीति हो सकती है, न कि पूरी कमेटी का रुख। प्रेस वार्ता में डॉक्टर वीसी शर्मा, अमरनाथ प्रधान, जिला महासचिव कपिल शर्मा, लाल बहादुर, मोहम्मद नफीस, चौधरी पंकज शर्मा, निखिल वत्स, राहुल शर्मा, प्रवीन शर्मा, संजय छाबड़ा, बॉबी त्यागी, सीमा शर्मा, वाई के शर्मा, खुशनूद अली, गोपाल भारती, महबूब अली समेत कई जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे और पार्टी के अंदर एकता और अनुशासन की जरूरत पर जोर देते हुए आगे के संगठनात्मक कदमों के लिए एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।
