सिरसा/कालांवाली हरविंद्र सिंह गिल)। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने हाइब्रिड धान के बीजों में किसानों के साथ हो रही लूट और कालाबाजारी को रोकने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री को ज्ञापन भेजा है। गांव मोरीवाला में किसानों की बैठक के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी हाइब्रिड धान की किस्में सावा 7501, सावा 7301 आदि पर एमआरपी 600 रुपये प्रति किलो तय है, जबकि किसानों से 23.89 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदे गए धान को करीब 25 गुना महंगे दाम पर बीज के रूप में बेचा जा रहा है।
औलख ने कहा कि कंपनी के कई डीलर एमआरपी से भी अधिक कीमत पर इन बीजों की कालाबाजारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हरियाणा में कंपनी ने लगभग 1800 मीट्रिक टन हाइब्रिड धान बीज बेचकर करीब 108 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जबकि इतनी मात्रा के धान की कीमत एमएसपी पर भी लगभग 4.30 करोड़ रुपये ही बनती है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि बीज कंपनियों की मनमानी एमआरपी पर अंकुश लगाया जाए और हाइब्रिड धान के बीज सहकारी समितियों व सरकारी बीज बिक्री केंद्रों के माध्यम से बेचे जाएं। साथ ही बीज कंपनियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाए, ताकि किसानों को लूट और कालाबाजारी से बचाया जा सके।
इस मौके पर गुरप्रीत सिंह संधू, अमरीक सिंह बाजवा, सरदूल सिंह भट्टी, पूर्व सरपंच सतबीर सिंह बाजवा, बलदेव सिंह भट्टी, त्रिलोक सिंह खारा, राजकुमार मिस्त्री, सत्यानंद नंबरदार, बलिहार सिंह रंधावा, तारा सिंह भंगू, दिलबाग सिंह रंधावा सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।

