आज का पंचांग: पापांकुशा एकादशी व्रत का पारण, शाम को प्रदोष पूजा

 शुक्रवार को आश्विन शुक्ल द्वादशी तिथि, दोपहर बाद त्रयोदशी का आरंभ; रात 9:02 बजे से बनेगा रवि योग

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और शुक्रवार के शुभ संयोग के साथ 23 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु नियमानुसार पारण कर व्रत पूर्ण कर सकते हैं। वहीं, प्रदोष पूजा, भगवान शिव की आराधना और शुभ कार्यों के लिए दिनभर विभिन्न मुहूर्त रहेंगे। हालांकि, आज पूरे दिन पंचक रहने के कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ कार्यों का समय निर्धारित करते समय पंचांग पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। रात 9 बजकर 2 मिनट से रवि योग का आरंभ होगा, जो अगले दिन सुबह 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।

आज की तिथि और नक्षत्र : पंचांग के अनुसार, शुक्रवार को आश्विन शुक्ल द्वादशी तिथि दोपहर 2 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रात 9 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ होगा। ध्रुव योग रात 10 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग शुरू होगा।

करण की बात करें तो बालव करण दोपहर 2 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इसके बाद कौलव करण रात 2 बजकर 11 मिनट तक, यानी 24 अक्टूबर की सुबह तक रहेगा। इसके पश्चात तैतिल करण का आरंभ होगा। चंद्रमा दोपहर 3 बजकर 3 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा और फिर मीन राशि में प्रवेश करेगा।

पापांकुशा एकादशी व्रत का पारण

पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए आज पारण का दिन है। दिए गए पंचांग के अनुसार, सुबह 6 बजकर 27 मिनट के बाद से 8 बजकर 42 मिनट तक पारण का समय बताया गया है। व्रतियों को अपनी परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार पारण करना चाहिए। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में करना धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज शुक्रवार को प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। सूर्यास्त शाम 5 बजकर 44 मिनट पर होगा। प्रदोष पूजा के लिए शाम 5 बजकर 44 मिनट से रात 8 बजकर 16 मिनट तक का समय दिया गया है। श्रद्धालु इस अवधि में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि तथा परिवार की मंगलकामना कर सकते हैं।

शिववास के अनुसार, दोपहर 2 बजकर 35 मिनट तक भगवान शिव का कैलाश पर वास रहेगा। इसके बाद नंदी पर शिववास माना जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव पूजा और अभिषेक के लिए शिववास का विचार भी किया जाता है।

आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त

शुक्रवार को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 45 मिनट से 5 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक है। अमृत काल दोपहर 12 बजकर 58 मिनट से 2 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 2 बजकर 43 मिनट तक निर्धारित है।

रात 9 बजकर 2 मिनट से 24 अक्टूबर की सुबह 6 बजकर 27 मिनट तक रवि योग रहेगा। वहीं, निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 40 मिनट से अगले दिन रात 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

दिन और रात के शुभ चौघड़िया

दिन के चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार, चर-सामान्य का समय सुबह 6 बजकर 27 मिनट से 7 बजकर 51 मिनट तक, लाभ-उन्नति सुबह 7 बजकर 51 मिनट से 9 बजकर 16 मिनट तक तथा अमृत-सर्वोत्तम सुबह 9 बजकर 16 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। शुभ-उत्तम मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 1 बजकर 30 मिनट तक और चर-सामान्य मुहूर्त शाम 4 बजकर 19 मिनट से 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा।

रात्रि के चौघड़िया में लाभ-उन्नति का समय रात 8 बजकर 55 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके बाद 24 अक्टूबर की सुबह शुभ-उत्तम मुहूर्त रात 12 बजकर 6 मिनट से 1 बजकर 41 मिनट तक, अमृत-सर्वोत्तम 1 बजकर 41 मिनट से 3 बजकर 16 मिनट तक तथा चर-सामान्य 3 बजकर 16 मिनट से 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।

आज के अशुभ समय और दिशाशूल

पंचांग के अनुसार, शुक्रवार को गुलिक काल सुबह 7 बजकर 51 मिनट से 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। राहुकाल सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक है। दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 42 मिनट से 9 बजकर 27 मिनट तक और दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से 1 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड का समय दोपहर 2 बजकर 54 मिनट से शाम 4 बजकर 19 मिनट तक है।

आज पूरे दिन पंचक रहेगा। दिशाशूल पश्चिम दिशा में माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन अशुभ समयों में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 44 मिनट पर होगा। चंद्रोदय दोपहर 3 बजकर 55 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त 24 अक्टूबर की सुबह 4 बजकर 16 मिनट पर होगा।

आज का पंचांग एक नजर में

- दिन: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

- मास: आश्विन

- पक्ष: शुक्ल पक्ष

- तिथि: द्वादशी दोपहर 2:35 बजे तक, फिर त्रयोदशी

- नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद रात 9:02 बजे तक, फिर उत्तराभाद्रपद

- योग: ध्रुव रात 10:08 बजे तक, फिर व्याघात

- करण: बालव दोपहर 2:35 बजे तक, फिर कौलव

- चंद्र राशि: कुंभ दोपहर 3:03 बजे तक, फिर मीन

- सूर्योदय: सुबह 6:27 बजे

- सूर्यास्त: शाम 5:44 बजे

- दिशाशूल: पश्चिम

- रवि योग: रात 9:02 बजे से 24 अक्टूबर की सुबह 6:27 बजे तक

- शिववास: दोपहर 2:35 बजे तक कैलाश पर, फिर नंदी पर

धार्मिक अनुष्ठान, व्रत-पारण और शुभ कार्यों के लिए अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग तथा पारिवारिक परंपराओं के अनुसार समय का मिलान अवश्य करें।

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