29 सितंबर 2026 का पंचांग: तृतीया श्राद्ध के साथ अंगारकी श्रीगणेश चतुर्थी का संयोग

आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के साथ आज 29 सितंबर 2026 को धार्मिक दृष्टि से विशेष दिन है। दिनभर तृतीया तिथि रहने के बाद सायं 5 बजकर 11 मिनट पर चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा। इसी के साथ तृतीया श्राद्ध और भरणी श्राद्ध का विधान रहेगा, जबकि चतुर्थी तिथि के प्रवेश के साथ अंगारकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत का संयोग बनेगा। संकष्टी चतुर्थी से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए चंद्रोदय का विशेष महत्व रहेगा और आज रात 7 बजकर 44 मिनट पर चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण किया जाएगा। पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा दिन-रात मेष राशि में संचार करेंगे।

आज अश्विनी नक्षत्र प्रातः 9 बजकर 03 मिनट तक रहेगा, इसके बाद भरणी नक्षत्र का आरंभ होगा, जो पूरी रात रहेगा। हर्षण योग अगले दिन तड़के 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। करण की स्थिति में वणिज करण प्रातः 6 बजकर 13 मिनट तक रहेगा, इसके बाद विष्टि यानी भद्रा करण शुरू होगा। आज तृतीया श्राद्ध और भरणी श्राद्ध का विधान होने के कारण पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध एवं अन्य धार्मिक कर्म किए जाएंगे।

पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 29 सितंबर को सायं 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 30 सितंबर को दोपहर 2 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। चतुर्थी तिथि के आरंभ के साथ भगवान गणेश की आराधना का विशेष अवसर रहेगा। विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करेंगे और रात 7 बजकर 44 मिनट पर चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगे।

आज सूर्यदेव प्रातः 6 बजकर 13 मिनट पर उदित होंगे, जबकि सूर्यास्त सायं 6 बजकर 10 मिनट पर होगा। चंद्रमा का उदय सायं 7 बजकर 44 मिनट पर होगा और अगले दिन 30 सितंबर को प्रातः 8 बजकर 40 मिनट पर चंद्रास्त होगा। चंद्रमा दिन-रात मेष राशि में संचार करेंगे।

आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। अमृत काल अगले दिन 30 सितंबर को तड़के 3 बजकर 06 मिनट से प्रातः 4 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। वहीं विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के लिए चंद्रोदय का समय रात 7 बजकर 44 मिनट रहेगा।

आज के चौघड़िया में रोग चौघड़िया सुबह 6 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक, उद्वेग चौघड़िया सुबह 7 बजकर 42 मिनट से 9 बजकर 12 मिनट तक, चर चौघड़िया सुबह 9 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक तथा लाभ चौघड़िया सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।

आज राहुकाल दोपहर 3 बजकर 00 मिनट से शाम 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 1 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड सुबह 9 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। आज दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा।

इस प्रकार आज का दिन पितरों के स्मरण, तृतीया श्राद्ध और भरणी श्राद्ध के साथ भगवान गणेश की आराधना के लिए भी महत्वपूर्ण रहेगा। श्रद्धालु श्रद्धा और विधि-विधान से पितरों का तर्पण करने के साथ भगवान गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि और विघ्नों के निवारण की कामना कर सकते हैं।

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