भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के साथ आज सोमवार का दिन है। पंचांग के अनुसार दशमी तिथि रात 8 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और शोभन योग शाम 4 बजकर 5 मिनट तक रहने के बाद अतिगण्ड योग शुरू होगा। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा-पाठ, व्रत-संकल्प और शुभ कार्यों के लिए पंचांग के शुभ मुहूर्तों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने का है। वहीं राहुकाल, यमगण्ड और अन्य अशुभ काल में महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की परंपरा है।
तिथि और नक्षत्र : आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 8 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र सुबह 4 बजकर 34 मिनट से 22 सितंबर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
योग और करण : आज शोभन योग शाम 4 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अतिगण्ड योग शुरू होगा, जो 22 सितंबर की शाम 4 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
करण की बात करें तो तैतिल करण सुबह 6 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इसके बाद गर करण रात 8 बजकर 1 मिनट तक रहेगा और फिर वणिज करण शुरू हो जाएगा, जो 22 सितंबर की सुबह 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
सूर्योदय : सुबह 6 बजकर 9 मिनट
सूर्यास्त : शाम 6 बजकर 19 मिनट
चंद्रोदय : दोपहर 3 बजकर 16 मिनट
चंद्रास्त : 22 सितंबर की रात 1 बजकर 39 मिनट
अशुभ काल
राहुकाल : सुबह 7 बजकर 43 मिनट से 9 बजकर 13 मिनट तक
यमगण्ड : सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 14 मिनट तक
कुलिक काल : दोपहर 1 बजकर 44 मिनट से 3 बजकर 14 मिनट तक
दुर्मुहूर्त : दोपहर 12 बजकर 38 मिनट से 1 बजकर 26 मिनट तक तथा दोपहर 3 बजकर 2 मिनट से 3 बजकर 50 मिनट तक
वर्ज्यम् : दोपहर 1 बजकर 25 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक
विजय मुहूर्त : दोपहर 2 बजकर 16 मिनट से 3 बजकर 5 मिनट तक
अमृत काल : मध्यरात्रि 12 बजकर 1 मिनट से रात 1 बजकर 47 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 4 बजकर 37 मिनट से 5 बजकर 25 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त : शाम 6 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 44 मिनट तक
निशिता मुहूर्त : रात 11 बजकर 51 मिनट से 22 सितंबर की रात 12 बजकर 39 मिनट तक
आज का पंचांग एक नजर में
वार : सोमवार
तिथि : भाद्रपद शुक्ल दशमी, रात 8 बजकर 1 मिनट तक, इसके बाद एकादशी
नक्षत्र : उत्तराषाढ़ा
योग : शोभन, शाम 4 बजकर 5 मिनट तक, इसके बाद अतिगण्ड
करण : तैतिल, सुबह 6 बजकर 59 मिनट तक; गर, रात 8 बजकर 1 मिनट तक; इसके बाद वणिज
रवि योग : पूरे दिन
दिशाशूल — पूर्व दिशा
